नागोर्नो-काराबाख के विवादित क्षेत्र में लंबे समय से जारी आर्मीनिया-अजरबैजान के बीच युद्ध का नृशंस चेहरा सामने आने लगा है। आर्मीनिया का आरोप है कि उसके सैनिकों का सिर कलम किया जा रहा है। ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें आर्मीनियाई सैनिकों के सिर धड़ से अलग दिखाई दे रहे हैं। साथ ही अजरबैजान पर युद्धबंदियों के मानवाधिकार उल्लंघन और जंग में आतंकियों के इस्तेमाल करने के आरोप भी लगे हैं। 

अब तक युद्ध में दोनों ओर से 600 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक आर्मीनिया के रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता शूशन स्तेपनयन ने तस्वीर ट्वीट कर आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दिख रहा है कि कैसे आर्मीनियाई सैनिकों को मार दिया गया है। उन्होंने इसकी पुख्ता जानकारी होने की बात भी कही। साथ ही कहा कि निहत्थे या घायल सैनिकों की हत्या भी युद्ध-अपराध समान है। नागरिकों को मारा जाना भी अपराध है।

बताया जा रहा है कि इससे पहले आर्मीनिया ने वीडियो जारी कर कहा था कि उस पर हमले के लिए अजरबैजान ने सीरिया से आतंकी बुलवाए हैं। दावा किया गया था कि अजरबैजान के बॉर्डर गाड्र्स की यूनिफॉर्म में आतंकी भेजे जा रहे हैं। अब मारने के बाद सिर काटने की जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने का दावा किया जा रहा है, उसमें आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का तरीका नजर आ रहा है जिससे आर्मीनिया के दावों को बल मिल रहा है।

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान और तुर्की ने किलिंग मशीन कहे जाने वाले इन आतंकियों को युद्ध के लिए काफी पैसे दिए हैं। ये आतंकी 22 सितंबर और उसके बाद तुर्की के रास्ते अजरबैजान की राजधानी बाकू पहुंचे थे। भारी हथियारों से लैस इन आतंकियोंं की संख्या करीब 1 हजार बताई जा रही है। ये सभी अल हमजा ब्रिगेड के बताए जा रहे हैं। अधिकांश आतंकी सीरिया से आए हैं। उधर, अजरबैजान का आरोप है कि आर्मीनिया अब नागोर्नो-काराबाख से अलग दूसरे क्षेत्रों में गोलीबारी कर जंग का विस्तार रहा है। अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि आर्मीनिया ने मिसाइल से नाखचिवन क्षेत्र में ओर्डूबा में हमला किया है।