रामपुर। समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक मोहम्मद आजम खान शनिवार को जन्म प्रमाणपत्र मामले की सुनवाई के लिये एमपी-एमएलए कोर्ट के सामने पेश हुये। आजम शुक्रवार को 26 महीने 24 दिन बाद अंतरिम जमानत पर सीतापुर कारागार से रिहा होकर रामपुर पहुंचे थे। उन पर 88 मुकदमें विभिन्न मामलों में दर्ज हैं। आज अपने घर से आजम खान पेशी के लिए कोर्ट पहुंचे। आजम खान के साथ उनके समर्थकों की भीड़ मौजूद रही। इस दौरान जन्म प्रमाण पत्र के वादी और आजम के ज्यादातर मुकदमों में वादी भाजपा नेता आकाश सक्सेना उर्फ हनी भी कोर्ट पहुंचे। 

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आजम के साथ उनके विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम भी मौजूद रहे। वो भी इस मामले आरोपी हैं। आज जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट मामले में सुनवाई की गई, जिसके तहत एमपी एमएलए कोर्ट में दोनों नेता मौजूद रहे। एमपी एमएलए कोर्ट में आजम खान के खिलाफ कई मामलों के साथ दो जन्म प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट मामला भी विचाराधीन है। भाजपा नेता आकाश सक्सेना उर्फ हनी ने वर्ष 2019 में थाना गंज में दो जन्म प्रमाण पत्र होने की शिकायत करते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था। इस मामले में आजम खान उनकी पत्नी डॉ. तजीन फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को आरोपी बनाया गया था। 

भाजपा नेता आकाश सक्सेना का आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र लगाकर कम आयु होने के बावजूद विधानसभा चुनाव लड़ा था और चुनाव में विजयी हुए थे, जिसको लेकर न्यायालय ने विधानसभा सीट रिक्त कर दी थी और यह मामला एमपी एमएलए एसीजेएम फस्र्ट में विचाराधीन है। इस मौके पर आजम ने मीडिया से बात नहीं की। वही दोनों मामले में वादी भाजपा नेता आकाश सक्सेना उर्फ हनी ने कहा कि आगे भी लड़ाई मजबूती के साथ लड़ी जाएगी। 

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उन्होंने कहा कि आजम खान को बेल मिली है बरी नहीं हुए हैं। सरकारी अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना बोले कि एमपी एमएलए कोर्ट एसीजेएम फस्र्ट में आज दो मामलों की सुनवाई थी, जिसमें दो जन्म प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट का मामला शामिल है। इन दोनों ही मामलों में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम आरोपी हैं। इस मामले में सैंट पॉल स्कूल के प्रधानाचार्य और पासपोर्ट मामले में न्यायालय ने पासपोर्ट अधिकारी नसीम अहमद को तलब किया, उनसे जिरह की गई है।