जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजनेता गुलाम नबी आजाद ने रविवार को जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने और राज्य के लोगों की अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। श्री आजाद कांग्रेस से अलग होने के बाद यहां पहली एवं विशाल रैली को संबोधित कर रहे थे। आजाद के समर्थन में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्रियों, विधायकों,विधान पार्षदों, डीडीसी सदस्यों, नगरसेवकों, जिला और ब्लॉक अध्यक्षों सहित कांग्रेस के करीब 100 नेताओं ने अब तक कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई से इस्तीफा दे दिया है। आजाद ने अपने संबोधन में अपने समर्थन में कांग्रेस छोडऩे वाले सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा, 'मेरा दिल जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए धड़कता है तथा अब जब मैं न तो मंत्री हूं, न सांसद हूं और न ही मुख्यमंत्री हूं, एक इंसान के रूप में मुझे लोगों से जो प्यार और स्नेह मिल रहा है, उसके लिए मैं सभी का शुक्रगुजार हूं।' 

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राज्यसभा में विपक्ष के पूर्व नेता ने कहा कि रैली में उपस्थित भीड़ मेरी उम्मीदों से परे है और इसने लोगों के लिए काम करने तथा उनके अधिकारों के लिए लडऩे के लिए मेरी ऊर्जा और उत्साह को दोगुना कर दिया है। जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का बिगुल फूंकते हुए आजाद ने कहा, 'मेरा पहला काम जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना होगा, साथ ही मूल निवासियों के लिए भूमि अधिवास के अधिकारों और हमारे युवाओं के लिए रोजगार की रक्षा करना होगा।' उन्होंने कहा, 'मेरे राजनीतिक संगठन का नाम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन जब भी नाम तय होगा झंडे के साथ फैसला किया जाएगा, जम्मू-कश्मीर के लोगों द्वारा किया जाएगा और मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि जो भी नाम है, मेरी पार्टी विशुद्ध रूप से 'हिंदुस्तानी' होगी। 


पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'धर्म, जाति, रंग और पंथ के लोगों को एक छतरी के नीचे रखना।' उन्होंने हालांकि कहा कि उनकी विधानसभा में भविष्य में उपराज्यपाल नहीं बल्कि राज्यपाल होंगे, इस प्रकार पांच अगस्त, 2019 से पहले की स्थिति की बहाली का संकेत भी दिया।' इस बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नेताओं का नाम लिए बिना आजाद ने कहा, 'यह हमारी कांग्रेस थी जिसने लोगों और देश के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। लेकिन, आज की कांग्रेस में, नेता जेल जाते हैं और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को फोन करते हैं तथा एक घंटे में रिहा भी हो जाते हैं एवं यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी अपनी जमीन खोने लगी है।' आजाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर तंज कसते हुए कहा, 'हमने अपना खून-पसीना देकर कांग्रेस पार्टी बनाई, न कि कंप्यूटर के सामने बैठकर या ट्वीट करके।' आजाद ने 2005 से 2008 तक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अपनी उपलब्धियों और जम्मू-कश्मीर में किए गए कार्यों को भी गिनाये।