Ayushman Bharat Golden Card केंद्र सरकार की तरफ से आम जनता को मुफ्त में स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए शुरू किया गया है। इसमें हर कार्डधारक को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। इस कार्ड की मदद से गरीब मजदूर भी आसानी से इलाज करवा सकता है। इस कार्ड के तहत कई बीमारियों का इलाज होता है। फिलहाल देश में ओमिक्रॉन तेजी से पांव पसार रहा है। ऐसे में आपके जेहन में यह सवाल जरूर होगा कि क्या इस कार्ड से ओमिक्रॉन का इलाज फ्री होगा या नहीं?

आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के गरीब, वंचित और कमजोर तबके के 10 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा दी जाती है। इन परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है। इस कार्ड के तहत ओमिक्रॉन का इलाज भी फ्री होगा। हालांकि आपको बता दें कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपके पास कुछ पात्रताएं होना भी जरूरी है।

ग्रामीण इलाके में इस योजना का लाभ वो ही लोग उठा सकते हैं जिसका कच्चा मकान हो, परिवार में कोई व्यस्क (16-59 साल) ना हो, परिवार की मुखिया महिला हो, परिवार में कोई दिव्यांग हो, परिवार अनुसूचित जाति/जनजाति से हों या व्यक्ति भूमिहीन/दिहाड़ी मजदूर बेघर, निराश्रित, दान या भीख मांगने वाला, आदिवासी या कानूनी रूप से मुक्त हुआ बंधुआ मजदूर हो।

ऐसे बनवाएं आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड
- सबसे पहले आपको अपने आस-पास की पब्लिक सर्विस सेंटर में जाएं।
- अब यहां केंद्र के अधिकारी आपका नाम लिस्ट में चेक करेंगे।
- यदि आपका नाम आयुष्मान योजना लाभार्थी लिस्ट में दर्ज होगा तभी आपको गोल्डन कार्ड मिलेगा।
- आपको अपने सभी इम्पोर्टेन्ट डॉक्युमेंट्स जैसे: आधार कार्ड, पैन कार्ड, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, राशन कार्ड फोटो कॉपी, पास पोर्ट साइज फोटो आदि सभी को केंद्र के अधिकारी के पास जमा कर दें।
- अब जन सेवा सेंटर अधिकारी द्वारा आपका पंजीकरण किया जायेगा।
- पंजीकरण होने के पश्चात आपको अधिकारी रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड देंगे।
- पंजीकरण करने के 15 दिन के अंदर आपका आयुष्मान गोल्डन कार्ड आप तक पहुँच जाएगा।