कोरोना वायरस के मरीजों में इस समय Black fungus खतरनाक बीमारी के रूप में फैल रहा है। अब यह बीमारी जानलेवा भी हो चुकी है। Black fungus की चपेट में आकर अपनी आंखों खो रहे हैं। देश में अब तक 12 हजार से ज्यादा लोग इस महामारी की गिरफ्त में आ चुके हैं। यह एक तरह के कैंसर की तरह मरीज के शरीर को हानि पहुंचाता है। हालांकि, अगर समय रहते आप इसकी पहचान कर लेते हैं तो इसका इलाज हो जाता है। ब्लैक फंगस को कम करने के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर कुछ ऐसे सुझाव दे रहे हैं काफी कारगर हैं। इनके तहत आप कुछ चीजें अपने खाने में शामिल कर इस बीमारी से बचे रह सकते हैं जो इस प्रकार हैं—

​हल्दी
ब्लैक फंगस की बीमारी में हल्दी का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं। इसे आप सब्जी और पुलाव में प्रयोग में करने के साथ-साथ दूध में भी मिलाकर पी सकते हैं। हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, विटामिन के, पोटैशियम, कैल्शियम, कॉपर, आयरन, मैग्नीशियम व जि़ंक जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके सेवन से हमारे शरीर की इम्युनिटी बूस्ट होती है जिससे हम संक्रामक रोगों से अपना बचाव कर सकते हैं।

​सौंठ या अदरक
सौंठ या अदरक को आप दूध में उबालकर और सब्जियों में भी प्रयोग करेंगे तो आपको कोविड और फंगल इंफेक्शन से काफी राहत मिलेगी।

काली मिर्च
सर्दी, खांसी और जुकाम से पीड़ित लोगों को ही लिए काली मिर्च काफी फायदेमंद हैं।

​आंवला
आंवला विटामिन सी का भरपूर स्रोत है और इसमें फाइबर भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है जो पाचन को सुधारने में मदद करता है। ये इम्यूनिटी बूस्ट करने में सहायता है जिससे हमें फंगल इंफेक्शन से भी लड़ने में मदद मिल सकती है।

​तुलसी
रोज तुलसी के सेवन से भी फंगल इंफेक्शन से बचाव किया जा सकता है। तुलसी के पत्तों में विटामिन और खनिज मौजूद होते हैं। इसमें मुख्य रूप से विटामिन सी, राइबोफ्लेविन, नियासिन, कैल्शियम, जिंक और आयरन आदि पाए जाते हैं। यह हमारे इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है।

​गिलोए
गिलोय को संस्कृत में इसे अमृता कहा जाता है, क्योंकि यह कभी नहीं मरता है। अभी चल रहे कोरोना काल में तो सभी लोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गिलोय का इस्तेमाल खूब कर रहे हैं लेकिन रिकवरी के वक्त भी इसका प्रयोग लाभकारी होगा।

​नीम के पत्ते
आयुर्वेद के अनुसार रोज सुबह खाली पेट नीम का सेवन करने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

अश्वगंधा
रोज अश्वगंधा का सेवन चयापचय यानी मेटाबॉलिज्म सही रखता है और मोटापे की समस्या से छुटकारा दिलाता है। इसमें शरीर में पैदा होने वाले हानिकारक फ्री रेडिकल्स (मुक्त कणों) को नियंत्रित करने की क्षमता होती है और ये इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद है। साथ ही अब आयुर्वेदिक वैद्य शरद कुलकर्णी इसे फंगल इंफेक्शन में भी मददगार बता रहे हैं।

​जीरा
जीरा का प्रयोग रसोई में सब्जियों में तड़का लगाने के लिए किया जाता है। लेकिन आप इसे पानी में घोलकर पीते हैं तो और भी फायदे होते हैं। जीरे में वसा, सोडियम और कोलेस्ट्रॉल में बहुत कम मात्रा में पाया जाता है। यह आहार फाइबर, थियामिन, फास्फोरस, पोटेशियम और कॉपर का भी एक अच्छा स्रोत है। फंगल इंफेक्शन में आपको अपनी डाइट में भुने हुए जीरा का पानी भी शामिल करना चाहिए।

​लहसुन
ब्लैक फंगस उन लोगों को भी अपना शिकार बना रहा है जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है और लहसुन का सेवन करने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है। लहसुन में कैल्शियम, आयरन, कॉपर, पोटेशियम और फास्फोरस प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके यही गुण इसे उत्तम औषधि बनाते हैं।

लौंग
आयुर्वेद में लौंग का इस्तेमाल कई तरह की जड़ी-बूटियां बनाने में किया जाता है। इसमें हानिकारक बैक्टीरिया को मारने की ताकत होती है। लौंग एक कृमिनाशक (कीड़े मारने वाली) ऐंटिफंगल, पेनकिलर होती है जो शरीर में हुए जख्मों को भरने में भी मददगार है। दांत दर्द और सांसों की बदबू से लौंग मुक्ति दिलाने के अलावा फंगल इंफेक्शन भी मददगार साबित हो सकती है।