फिट रहने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने को हर कोई उपाय करता है। लेकिन यह यह आपकी अपनी नियमित दिनचर्या पर भी निर्भर करता है। आयुर्वेद के अनुसार, रोजमर्रा की अच्छी आदतों का पालन करके कोई भी स्वस्थ जीवन जी सकता है।

आयुर्वेदिक डॉक्टरों का कहना है कि आयुर्वेद जीवन का एक तरीका है, यह हमारी आदतों में सुधार का एक दैनिक प्रयास है। इस प्राचीन ज्ञान के मार्गदर्शन के साथ, हम अपने आहार और जीवन शैली में सुधार कर सकते हैं जिससे न केवल हम स्वस्थ रह सकते हैं बल्कि लंबा जीवन भी जी सकते हैं।'
आयुर्वेद हमारे शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन खोजने के लिए प्रोत्साहित करता है क्योंकि ये तीनों क्षेत्र जुड़े हुए हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ जीवनशैली के तरीके इस प्रकार हैं—

सूर्योदय से पहले उठना
​आयुर्वेद के अनुसार, सुबह सूर्योदय से कम से कम एक घंटा पहले जल्दी उठ जाना चाहिए। यह एक अच्छी आदत है और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करती है। हमारे बुजुर्गे हमेशा ब्रह्म मुहूर्त में जागने की सलाह देते थे। ब्रह्म मुहूर्त एक शुभ अवधि है, जो सूर्योदय से 1 घंटे 36 मिनट पहले शुरू होती है और इसके 48 मिनट पहले समाप्त होती है।

​नस्य कर्म करना
दो बूंद तिल का तेल, सरसों का तेल या घी अपनी नाक में डालें। यह बालों का समय से पहले सफेद होना, गंजेपन को रोकता है और अच्छी नींद आने में मदद करता है।

​व्यायाम करना
सुबह जल्दी व्यायाम करने से शरीर की सुस्ती दूर हो जाती है। इससे शरीर रिचार्ज होता है और कायाकल्प करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा व्यायाम तन और मन दोनों को स्वस्थ रखता है।

​दांतों की देखभाल
नीम (अजादिराच्ता इंडिका), खादिर (बबूल का कत्था) आदि की एक ताजा छड़ी का उपयोग करने से दांत साफ हो जाते हैं और मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है।

​स्नान करना
आयुर्वेद के अनुसार, नियमित एक्सरसाइज के आधे से एक घंटे बाद नहा लेना चाहिए।

​मसाला
मसाले पाचन में मदद करते हैं, हृदय को स्वस्थ रखते हैं और सूजन से लड़ते हैं। रोजाना जीरा, धनिया, अदरक और हल्दी का सेवन करना चाहिए।

​हल्का डिनर करना
आयुर्वेद के अनुसार, रात 8 बजे से पहले हल्का भोजन करना चाहिए। यह मेटोबोलिक तत्वों को रात में थोड़ा आराम करने में मदद करता है।

​नींद
पर्यावरण को स्वच्छ और सुखद बनाए रखें। दिन में सोने से बचें। रात में पर्याप्त नींद लें। उचित नींद स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करती है।