लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार धार्मिक नगरी अयोध्या में करीब नौ अरब रुपये की लागत से रामजन्मभूमि तक सुगम पहुंच के लिये सड़कों को चौड़ी, सुंदर और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके लिए पहली किश्त के रूप में 107 करोड़ रुपये शासन की ओर से जारी भी कर दिये गये हैं। साथ ही कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को तय समय में कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिये गये हैं। 

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आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर तक पहुंचने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत तीन मार्गों के निर्माण, चौड़ीकरण एवं सु²ढ़ीकरण की व्यवस्था के लिये शासन द्वारा 899.90 करोड़ रुपये स्वीकृत की गयी है। इसमें प्रथम किश्त के रूप में 107 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गयी है। 

अपर मुख्य सचिव धर्मार्थ कार्य अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि सहादतगंज-नया घाट मार्ग के किलोमीटर 11 से सुग्रीव किला होते हुए श्रीराम जन्मभूमि तक कुल लंबाई 0.566 किमी के लिये 4 लेन मार्ग के निर्माण की योजना है। इसके लिये कुल 39.43 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गयी है, जिसमें से 3 करोड़ 90 लाख 88 हजार रुपये जारी किये गये हैं। 

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उन्होने बताया कि इसके अलावा फैजाबाद-अयोध्या मुख्य मार्ग से हनुमान गढ़ी होते हुए जन्मभूमि तक के मार्ग निर्माण और भूमि, भवन के क्रय व पुनर्वास के लिए धनराशि उपलब्ध करायी गयी है। इसके लिये 62.78 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी है, जिसमें से 3 करोड़ 10 लाख 83 हजार रुपये जारी कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव धर्मार्थ कार्य ने बताया कि सहादतगंज से नया घाट मार्ग के मेन स्पाइन रोड, जिसकी लंबाई तकरीबन 12.940 किलोमीटर है, इसके निर्माण की कुल लागत 7 अरब 97 करोड़ 69 लाख रुपये की है, जिसमें से पहली किश्त के रूप में 1 अरब रुपये की वित्तीय स्वीकृति दे दी गयी है। 

उन्होने बताया कि कार्य के मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों सहित जिलाधिकारी की भी होगी। सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश भी दिये जा चुके हैं।