सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या राम मंदिर पर फैसला आने के बाद एक और नया मामला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है। श्री राम और माता जानकी (सीता) का शादी समारोह किया जा रहा है। इस दौरान 108 कुंवारे लड़के भी अनोखा काम करने जा रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी निमंत्रण भेजा गया है।

दरअसल अयोध्या में श्री राम और माता जानकी (सीता) की शादी समारोह के दौरान 108 और जोड़े की भी शादी होगी। शादी में वर जहां देश के अलग-अलग राज्य यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश से आ रहे हैं वहीं कन्या (वधू) जनकपुर नेपाल की होंगी। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) वर और कन्या की सूची को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।

यह शादी समारोह गुरुवार को शुरू हो रहा है। इस दौरान श्री राम की बारात बाकायदा रथ और बैंड बाजे के साथ माता जानकी से विवाह के लिए जनकपुर रवाना होगी। इसमें अयोध्या के लगभग सभी बड़े संत और गणमान्य व्यक्ति बराती के रूप में जनकपुर जाएंगे।

भारत से जाने वाले वर सीधे जनकपुर (नेपाल) पहुचेंगे और वहां अयोध्या से जाने वाली भगवान राम की बारात में शामिल होंगे। भारत और जनकपुर के इन जोड़ों का विवाह उत्सव पूरे रश्मों और रिवाज के साथ होगा जबकि शादी 1 दिसम्बर को जनकपुर के दशरथ मंदिर में होगी।

हालांकि अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि इस शादी समारोह में दोनों देशों से मुख्य अतिथि के तौर पर कौन-कौन सी हस्तियां शामिल होंगी। लेकिन शादी में शामिल होने का आमंत्रण पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक को भेजा गया है।

यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी राम विवाह के दिन 1 दिसंबर को जनकपुर में मौजूद रह सकते हैं। राम जानकी विवाह के अवसर पर जो 108 जोड़ों की शादी की पहल की गई है, इससे भारत और नेपाल सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से एक दूसरे के और करीब आएंगे और इससे दोनों देशों के रिश्तों को नया आयाम मिलेगा।

अयोध्या के जानकी घाट से गुरुवार को शुरू होने वाली राम बारात का यह पूरा कार्यक्रम 13 दिनों तक चलेगा। जनकपुर पहुंचने से पहले राम बारात का पहला पड़ाव 60 किलोमीटर बाद अम्बेडकर नगर में होगा।