नागरिक विमानन मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि हवाई किराये की निचली और ऊपरी सीमा किसी भी समय 15 दिनों तक लागू होगी और विमानन कंपनी 16वें दिन से बिना किसी सीमा के शुल्क लेने के लिए स्वतंत्र होंगी। इस वर्ष 12 अगस्त से लागू यह व्यवस्था फिलहाल 30 दिनों के लिए थी और विमानन कंपनियां 31वें दिन से बिना किसी सीमा के शुल्क ले रही थीं। वहीं केंद्र सरकार ने शनिवार को विमानन कंपनियों को घरेलू विमान सेवा में कुल उपलब्ध सीटों के मुकाबले 85 फीसद सीटों को भरने की अनुमति प्रदान कर दी है। 12 अगस्त को यह सीमा 65 फीसद से बढ़ाकर 72.5 फीसद की गई थी।

मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक आदेश में कहा कि मान लीजिए आज तारीख 19 सितंबर है, तो यात्री उसके 15 दिनों यानी चार अक्टूबर तक की यात्रा के लिए किराये की ऊपरी और निचली सीमा में टिकट ले सकते हैं। लेकिन अगर वे इसके बाद की तारीख का टिकट लेते हैं, तो विमानन कंपनियां निर्धारित सीमा से अधिक या कम किराया लेने के लिए स्वतंत्र हैं। इसी तरह, अगर कोई 21 सितंबर को पांच अक्टूबर तक के लिए टिकट बुक कराता है, तो वह ऊपरी और निचली सीमा में ही किराये का भुगतान करेगा, लेकिन उसके बाद के लिए नहीं।

भारत ने कोरोना महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के बाद 25 मई, 2020 को उड़ान सेवाएं फिर शुरू होने पर विमान यात्रा की अवधि के आधार पर किराये की निचली और ऊपरी सीमा निर्धारित की थी। इस साल 12 अगस्त को घरेलू हवाई यात्रा महंगी हो गई थी। नागर विमानन मंत्रालय ने किराये की निचली और ऊपरी सीमा में 9.83 से 12.82 प्रतिशत की वृद्धि की थी।