लालगढ़ से डिब्रूगढ़ की ओर आने और जाने वाली अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन सुधर नहीं रहा है। सुबह 5.20 बजे रोहतक स्टेशन पर आने वाली 15910 अवध असम ट्रेन 19 घंटे देरी से देर रात 12 बजे के बाद रेलवे स्टेशन पहुंची। इस ट्रेन से हापुड़, मुरादाबाद, बरेली व बिहार राज्य की ओर जाने वाले यात्रियों ने टिकट निरस्त कराकर दूसरी ट्रेनों से गंतव्य को रवाना हुए। 

आपरेटिंग विभाग के अफसर ने बताया कि लांग रूट की ट्रेनों में अधिकतर देरी से चलने की शिकायत रहती है। चूंकि दूसरे जोन से ही ट्रेन लेट आती हैं तो हम लोग भी कुछ नहीं कर सकते। ट्रेन को समय पर चलाने के लिए कई बार रेलवे के उच्चाधिकारी ट्रेन को रद्द करते हैं। वहीं बरेली इंटरसिटी का संचालन लगातार दूसरे दिन भी रद्द रही। दिल्ली की ओर जाने वाली 12482 दैनिक सुपरफास्ट सुबह 11.40 बजे से तीन घंटे देरी से ढाई बजे के बाद रोहतक स्टेशन पर पहुंची। ट्रेनों का संचालन समय पर न होने से लंबी दूरी का सफर तय करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 


बता दें कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में देशभर की करीब 30 फीसदी ट्रेनें लेट रहीं हैं। ये भारतीय रेलवे का पिछले तीन सालों का सबसे खराब प्रदर्शन है। रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अप्रैल से इस साल मार्च तक 71.39% मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें समय पर संचालित हुईं, जबकि इससे पहले 2016-17 वित्तीय वर्ष में ये आंकड़ा 76.69% था। यानी सिर्फ दो सालों के अंदर भारतीय रेल की लेट ट्रेनों की संख्या 5.3% बढ़ी है। अधिकारियों का कहना है कि इसकी वजह रेलवे के निर्माण कार्य हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने लेटलतीफी पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से 15 दिन में ढर्रा सुधारने को कहा है।

 अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय रेलवे के लगातार तेजी से निर्माण और रखरखाव कार्यों को अंजाम दे रहा है। इसलिए ट्रेनों के प्रदर्शन और और समय की पाबंदी में देरी आई है। अधिकारियों ने बताया कि 2016-17 में रेलवे ने 2687 अलग-अलग लोकेशन्स के 15 लाख मेंटेनेंस ब्लॉक्स पर काम करना शुरू किया था। इसके चलते ट्रेनों का लेट होना शुरू हुआ था। 2017-18 में रेलवे ने 4426 लोकेशन्स के 18 लाख ब्लॉक्स पर काम बढ़ाया है।