असम गण परिषद के संस्थापक अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत ने कहा है कि अगप असम के स्थानीय लोगों के दाल है असम में रहने वाले सभी जाति, धर्म, जनगोष्टी को लोगों को समान अधिकार मिलना चाहिए, पर राज्य के भूमिपुत्रो के अधिक अधिकार होना चाहिए।


उन्होंने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ग्रेटर नगलिम का विरोध कर पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा, असम की एक इंच भूमि भी नगालैंड को देने नहीं दिया जाएगा। महंत ने यह बात अगप की डिब्रूगढ़ जिला समिति के तत्वाधान और दुलियाजान विधानसभा क्षेत्र समिति के सौजन्य से आज दुलियाजान के बिहुतोली प्रांगण में आयोजित पार्टी के 33 वे स्थापना दिवस पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कही.

अगप अध्यक्ष अतुल बोरा की अध्यक्षता में आयोजित सभा में महंत ने अवैध बांग्लादेशी मुद्दे पर भी स्थिति साफ करते हुए कहा कि हिन्दू हो या मुसलमान, वर्ष 1971 के बाद आने वाले सभी बांग्लादेशियों को असम छोड़ना ही पडेगा। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का उदहारण देते हुए उन्होंने खा कि जिस तरह योगी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बेस शरणार्थियों को खदेड़ने का जो फैसला लिया है, उससे असम सर्कार को भी सीख लेनी चाहिए।

इस मौके अगप अध्यक्ष व कृषि मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि अगप अपने लक्ष्य को कभी भूल नहीं सकती है पार्टी ने सदिआव ही असम के हितों को लेकर कार्य किया है और करती रहेगी, स्थानीय लोगों के  स्वार्थो को किनारा कर कभी भी पार्टी ने भाजपा से समझौता नहीं किया है. बोरा ने कहा कि पार्टी राज्य के लोगों के बीच जाकर लोगों को अगप से जोड़ने के लिए बेहतर तरीके से कार्य करेगी।