नागरिकता (संशोधन) विधेयक को वापस लेने की मांग करते हुए असम गण परिषद ने छयगांव में विरोध रैली निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महंत ने शंखनाद कर रैली को आगे बढ़ाया। 

पार्टी अध्यक्ष अतुल बोरा के अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता हाथों में गदा, तीर धनुष लहराते नजर आए। इस रैली का समापन छयगांव के नाट्य मंदिर में हुआ, जहां बाद में एक खुली सभा का आयोजन किया गया। पार्टी अध्यक्ष बोरा ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी असम के हितों के साथ बिना कोई समझौता किए जनता के हित में काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि अगप हमेशा से ही राज्यवासियों के साथ खड़ी रही है और आगे भविष्य में भी जनता के साथ रहेगी। 

उन्होंने असम समझौते को पार्टी के लिए गीता, बाइबल और कुरान बताते हुए कहा कि असम समझौते का उल्लंघन करने और हमारे 855 शहीदों के बलिदान को नजरअंदाज किए जाने वाले किसी काम का जमकर विरोध किया जाएगा। इसके अलावा पार्टी के महासचिव कमलकांत कलिता और केशव महंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस रैली में वरिष्ठ नेता तथा मंत्री फणीभूषण चौधरी, पूर्व सांसद विरने वैश्य, विधायक सत्यव्रत कलिता, पशुधन निगम के अध्यक्ष मनोज सइकिया, उपाध्यक्ष दिलीप बोरा, युवा परिषद के अध्यक्ष सुनील डेका सहित बड़ी संख्या में नेता कार्यकर्ता मौजूद थे।