त्रिपुरा के खोवाई और सोनमुरा इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान तीन पत्रकारों पर जानलेवा हमले की कोशिश की गई है। त्रिपुरा में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब किसी पत्रकार पर हमला किया गया हो। जी हां, इससे पहले भी त्रिपुरा में पत्रकारों पर हमले हो चुके हैं। साल 2017 में ही त्रिपुरा में दो पत्रकार की हत्या कर दी गई थी।


सितंबर 2017 में एक लोकल टीवी चैनल में काम करने वाले पत्रकार शांतनु भौमिक की हत्या कर दी गई थी। उनकी (28 वर्षीय शांतनु भौमिक) हत्या आईपीएफटी के कार्यकर्ताओं ने की थी। भौमिक अपने साथियों के साथ मंडाई हिंसा की घटना को कवर करने गए थे।


वहीं, नवंबर 2017 में ही त्रिपुरा के स्थानीय बांग्ला समाचारपत्र स्यंदन पत्रिका में संवाददाता के तौर पर काम करने वाले सुदीप दत्ता भौमिक की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। ये दोनों हत्याएं दो महीनों के भीतर हुई थी। स्यंदन पत्रिका के संपादक सुबल कुमार डे ने आरोप लगाया था कि भौमिक की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने कमांडेंट के कई अवैध कार्यों और भ्रष्टाचार का खुलासा किया था।


वर्तमान मामले में खोवाई के पुलिस अधीक्षक कृष्णेंदु चक्रवर्ती ने बताया कि शहर में नशीले पदार्थ की तस्करी करने वाले के एक गुट ने स्थानीय पत्रकार आशीष चक्रबर्ती के घर में घुसने का प्रयास किया था लेकिन वे सफल नहीं हो सके।

इस संबंध में किसी ने भी किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान नहीं की। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा पत्रकार और उनके घर की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है।वही दूसरा मामला सेपाहीजाला जिले के मेलाघर में रविवार की शाम वरिष्ठ पत्रकार बिप्लव चक्रबोर्ती अपने निजी वाहन से सोनामुरा की तरफ जा रहे थे तभी संकरी सड़क पर सुरक्षा बल के वाहन से आगे निकलने की जगह मांगने पर वाहन के अंदर बैठे अज्ञात बदमाशों ने निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर उनकी पिटाई कर दी और मौके से फरार हो गये।वही तीसरी घटना स्थानीय इलाके की है जहा एक अन्य पत्रकार सादिक मिया सुरक्षा वाहन का पीछा किया जिसमें गांजे की बड़ी खेप को सुरक्षा वाहन में लादा जा रहा था। लेकिन गांजा लाद रहे बदमाशों ने अचानक उन्हें देख लिया और जंगल में ले जाकर उनकी पिटाई करने के बाद उन्हें गोली मारने की कोशिश भी की गई।

सिपाहीजला के पुलिस अधीक्षक जे.एस. मीणा ने कहा, 'घटना की जांच शुर कर दी गई है लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।' अगरतला प्रेस क्लब प्राधिकरण ने पत्रकारों पर हमले की निंदा की और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।