पूर्वोत्तर राज्य असम से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। राज्य के कोकराझार और धुबरी जिले की सीमावर्ती गांव में कुछ अंधविश्वासी लोगों ने एक ही परिवार के तीन लोगों को डायन होने के कारण में शक में जान से मारने की कोशिश की है। इस घटना में बुरी तरह से घायल निजय राभा, परिमल राभा और मनुज राभा को मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया है।


तबीयत ज्यादा बिगड़ने के चलते निजय को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया लेकिन आधे रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में गांव के मुखिया हिरेंद्र राभा, मुकुंद राभा, सुजान चंद्र राभा, कैलाश चंद्र राभा को पूछताछ करने के लिए हिरासत में लिया गया है।


आपको बता दें इससे पहले भी कोकराझार में डायन बताकर पहले भी महिलाओं की हत्या की जाती रही है। गौर हो कि एक फरवरी को असम विधानसभा में समाज कल्याण मंत्री प्रमिला रानी ब्रह्म ने जानकारी दी थी कि 18 साल में डायन बता कर 161 लोगों की हत्या कर दी गई। ब्रह्म ने कहा कि साल 2001 से राज्य में जादू टोने के 133 मामले के दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने कांग्रेस विधायक दुर्गा भौमिज के सवाल के जवाब में कहा था कि यह समस्या 33 में से 17 जिलों में मौजूद है। सबसे ज्यादा हत्याएं कोकराझार में हुई हैं, जहां अब तक 45 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया है। वहीं, चिरांग में 24 और ग्वालपाड़ा में 17 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।