कोसी महासेतु पर जल्द ही ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं नज़र आ रही हैं।  सीसीआरएस की ओर से कोसी महासेतु रेल पुल पर ट्रेनों के परिचालन की मंजूरी मिल गई है।  इसके बाद इस पुल पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ सकेगी।  वहीं, पुल के बाहर गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटे होगी।  निर्मली से सरायगढ़ तक का सफर वर्तमान में दरभंगा-समस्तीपुर-खगड़िया-मानसी-सहरसा होते हुए 298 किलोमीटर का है।  इस पुल के निर्माण से 298 किलोमीटर की दूरी मात्र 22 किलोमीटर में सिमट जाएगी। 

सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि ट्रेनों की आवाजाही के लिए उद्घाटन की तिथि पर विचार किया जा रहा है।  सितंबर के पहले सप्ताह में इसकी संभावित तिथि हो सकती है।  आपको बता दें कि कि विगत 14 अगस्त को आसनपुर कुपहा-सरायगढ़ के बीच मुख्य सीआरएस शैलेश कुमार पाठक ने निरीक्षण किया था।  इस दौरान कोसी महासेतु पर भी ट्रेन का स्पीड ट्रायल लेते हुए पुल का निरीक्षण का कार्य भी किया गया था।  

लगभग 1.9 किलोमीटर लंबे नए कोसी महासेतु सहित 22 किलोमीटर लंबे निर्मली-सरायगढ़ रेलखंड का निर्माण वर्ष 2003-04 में 323.41 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया था।  इसके बाद 6 जून, 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शिलान्यास किया गया था। 23 जून 2020 को इस नवनिर्मित रेल पुल पर पहली बार ट्रेन का सफलता पूर्वक परिचालन किया गया।  वर्तमान पुल का निर्माण निर्मली एवं सरायगढ़ के बीच किया गया है। 

इन तटबंधों तथा बैराज ने कोसी नदी के अनियंत्रित विस्थापन को संयमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  इस कारण इस नदी पर पुल बनाने की परियोजना सकार रूप ले सकी।  निर्मली से सरायगढ़ तक का सफर वर्तमान मे दरभंगा-समस्तीपुर-खगड़िया-मानसी-सहरसा होते हुए 298 किलोमीटर का है।  इस पुल के निर्माण से यह 298 किलोमीटर की दूरी मात्र 22 किलोमीटर में सिमट जाएगी।