रात 1 बजे से सुबह 4 बजे के बीच एक विशाल एस्टेरॉयड पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा। बता दें कि इस एस्टेरॉयड की चौड़ाई आगरा के ताजमहल जितनी हो सकती है। ये बड़ा एस्टेरॉयड 50,000 मील प्रति घंटे यानी 80,000 किलो मीटर प्रति घंटे से भी से तेज रफ्तार से धरती की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने  इस पत्थर का नाम 2021RL3 रखा है। ये 160 फीट से लेकर 360 फीट चौड़ा हो सकता है। 

जानकारी के लिए बता दें कि ताज महल की लंबाई 240 फीट के करीब है और चौड़ाई 365 फीट के करीब है। साइंटिस्ट्स ने बताया कि एस्टेरॉयड अपने ग्रह के ऑर्बिट के काफी नजदीक आ जाएगा। उनके अनुसार एस्टेरॉयड ऑर्बिट के 29,03,980 किलोमीटर के दायरे में प्रवेश कर जाएगा। आपको बता दें कि ये पत्थर भारतीय समय के अनुसार आज रात 1 बजे से सुबह 4 बजे के बीच धरती के ऑर्बिट में प्रवेश करेगा। चांद की धरती से दूरी 3,84,399 किलोमीटर है यानी कि चांद की दूरी की तुलना में ये पत्थर धरती से काफी दूर हैं मगर इसके बावजूद नासा ने चेतावनी दी है।

वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर ये पत्थर धरती के और नजदीक आ गया या कहीं अगर धरती से टकरा गया तो ये धरती पर बहुत बुरा प्रभाव डालेगा। जब एस्टेरॉयड धरती के करीब आएगा तब नासा के वैज्ञानिक सही ढंग से बता पाएंगे कि उसका आकार कितना बड़ा है। वैज्ञानिकों ने बताया कि ये एस्टेरॉयड मार्स से लेकर ज्यूपिटर तक अंडाकार ऑर्बिट में घूम रहा है और सोलर सिस्टम के दूसरे ग्रहों के मुकाबले ये धरती के सबसे नजदीक होकर गुजरने वाला है। वैज्ञानिकों ने बताया कि धरती के ऑर्बिट से हर दिन छोटे पत्थर टकराते रहते हैं मगर ये आकार में काफी छोटे होते हैं इसलिए उनका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है। वैज्ञानिकों ने ये भी बताया कि कोई भी पत्थर, जो एक कार के साइज से छोटा होता है, वो अपने आप धरती के एटमॉस्फियर में प्रवेश करने के दौरान जलकर राख हो जाता है।