आरक्षण के नाम पर राज्य के लोगो को गुमराह कर रहे मुख्यमंत्री जी हां सिक्किम लिबरेशन पार्टी ने मुख्यमंत्री पवन चामलिंग पर लिंबु-तामाग जनजाति समुदाय के सिक्किम विधानसभा सीट आरक्षण मामले पर लेागों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

पार्टी के प्रवक्ता एवं उपाध्यक्ष चक्रपाणी भट्टाराई ने पत्रकारों को बताया कि वर्ष 2003 में लिंबु-तामाग समुदायों को जनजाति की मान्यता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने बीते चार विधानसभा चुनाव में स्वयं द्वारा समुदाय के जनजाति दर्जे के लिए लड़ने का दावा किया। ऐसे में पार्टी ने इस आधार पर ही विधानसभा सभा में आरक्षण दिलाने की प्रतिबद्धता जाहिर की।
उन्होने सीएम पर सीट आरक्षण के मामले को केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में होने का बयान देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। इसी तरह सिकिकम विधानसभा की वर्तमान 32 सीटों से बढ़ाकर 40 करने तथा उसके बाद ही लिंबु-तामाग समुदाय के आरक्षण से संबंधित बयान गत दिनों दिया था। अपने बयानों से मुख्यमंत्री राज्य के उक्त जाति के लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। पार्टी उनके रवैये का भरपूर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस विषय पर अपने रुख को स्पष्ट करें। पार्टी का तर्क है कि केंद्र को हर विषय पर राज्य सरकार ही प्रस्ताव भेजती है।