केन्द्र में चाहे एनडीए की सरकार हो या यूपीए की, उनके असम के प्रति नजरिये में कोई बदलाव नहीं आया है। बाढ़ राहत पैकेज के नाम पर छल केन्द्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में भी जारी है। बाढ़ प्रभावित असम के लिए उसके पैकेज ने खुद इस रिपोर्ट में खुलासा किया है। असम में इस साल आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ जनित हादसों में 158 लोग मारे गए हैं। बाढ़ से 21 जिलों के 11 लाख लोग प्रभावित हुए। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1 अगस्त को असम का दौरा किया था। उस वक्त प्रधानमंत्री ने 2000 करोड़ रुपए के बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा की थी लेकिन राज्य को अभी तक एक रुपया नहीं मिला है। असम के समाचार चैनल प्रतिदिन टाइम्स ने असम सरकार के आंकड़ों के हवाले से यह खबर दी है। असम सरकार के मुताबिक केन्द्र ने बाढ़ प्रभावित राज्य के लिए सिर्फ 456.30 करोड़ रुपए जारी किए हैं,जो स्टेट डिजास्टर रेस्पांस फंड (एसडीआरएफ) का स्टोक है। 

आपको बता दें कि इससे पहले केन्द्र ने एसडीआरएफ,असम के लिए 600 करोड़ तय किए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि असम सरकार 456.30 करोड़ पैसे खर्च करने में विफल रही। यह राशि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत और बाढ़ प्रभावितों को राहत दिलाने के लिए दी गई थी। राज्य विधानसभा में एक सवाल के जवाब में असम के मंत्री पल्लब लोचन दास ने बताया कि सरकार ने 158 में से 146 पीडि़त परिवारों को मुआवजा दिया है।

 उन्होंने कहा कि असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(एएसडीएमए) के मुताबिक जल संसाधन विभाग को 1,797 करोड़ का नुकसान हुआ। सार्वजनिक निर्माण विभाग(पीडब्ल्यूडी) को 516 करोड़, गुवाहाटी विकास विभाग को 334 करोड़, टाउन डवलपमेंट डिपार्टमेंट को 250 करोड़, पावर डिपार्टमेंट को 228 करोड़, कृषि विभाग को 193 करोड़ और मत्स्य पालन विभाग को 119 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। राज्य की गठबंधन सरकार में शामिल असम गण परिषद ने असम के प्रति केन्द्र के नजरिये को लेकर चिंता प्रकट की है।