असम में ग्रामीणों ने एक तेंदुए को मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने तेंदुए के शव के साथ ही बर्बरता की। तेंदुए की आंखों को निकाल दिया गया और उसके पंजे को भी काट दिया गया। बताया जा रहा है कि जिस तेंदुए को ग्रमीणों ने मारा है उसने इलाके में ही एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। 

यह घटना असम के चराइदेव जिले के बोरहाट क्षेत्र के वेसलिपथर गांव का है। जहां के लोग तेंदुए को मारने के लिए मजबूर हो गए क्योंकि जानवर ने पिछले कुछ हफ्तों से क्षेत्र में आतंक फैला दिया था। तेंदुए ने कुछ दिन पहले एक ग्रामीण निलेश्वर चांगमाई पर कुछ दिन पहले तेंदुए ने हमला कर दिया था, जिसके बाद से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। हमले के बाद, उन्हें चराइदेव सिविल अस्पताल ले जाया गया और उन्हें अब डिब्रूगढ़ असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है।

ग्रामीणों ने कहना है कि तेंदुए ने कई घरेलू जानवरों को भी खा चुका है। ग्रामीणों ने असम के वन विभाग पर लापरवाही का भी आरोप लगाया है और कहा कि तेंदुए के बारे में उनकी शिकायत को नजरअंदाज किया गया है। वन विभाग के रवैये के कारण क्षेत्र में आदमी और पशु पर हमले की आशंका बढ़ गई थी। लगभग दो साल पहले इसी तरह की एक घटना डिब्रूगढ़ में देखने को मिला था, जिसमें 100 लोगों की भीड़ ने एक तेंदुए को मार डाला था। इस तेंदुए ने गांव के ही 60 वर्षीय महिला पर हमला को उसको मार डाला था।