अभी तक जो प्लास्टिक की बेकार बोतलें हम ऐसे ही फेंक देते थे अब वो भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम के लिए वरदान बनने जा रही है। इस राज्य ने प्लास्टिक की बोतलों का ऐसा उपयोग निकाला है कि कोई भी जानकर हैरान रह सकता है। असम के हैलाकांडी जिले में एक आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण जैविक रूप से नष्ट नहीं होने वाले अपशिष्ट पदार्थ और मिट्टी से भरी हुई प्लास्टिक की बोतलों से किया जाएगा। 

जिला अतिरिक्त उपायुक्त आर के दाम ने बताया कि सिंघला इलाके के लाला ब्लॉक में 3.46 लाख रूपये की लागत के आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण किया जाएगा।  अधिकारियों के मुताबिक जिला प्रशासन के अलावा यूएनडीपी, राज्य शिक्षा, सामाजिक कल्याण और पीडब्ल्यूडी विभाग इस परियोजना का हिस्सा हैं। अधिकारी ने कहा कि कचरे भरी बोतलों को जोड़ने के लिए तरल सीमेंट का इस्तेमाल किया जाएगा। कचरे से भरी इन बोतलों में छेद करके इस इमारत को भूकंप विरोधी बनाया जाएगा।

‘प्लास्टिक बोरजन अभियान’ के तहत जिला प्रशासन ने शुक्रवार को एक कार्यशाला और एक रैली का आयोजन किया था जिससे प्लास्टिक की बोतलों को इकोब्रिक में परिवर्तित करने के बारे में जागरूकता पैदा की जा सके। जिला प्रशासन ने पहले से ही 'प्लास्टिक बैंक' स्थापित किए हैं, जहां लोग एकल उपयोग वाली प्लास्टिक की वस्तुओं को जमा कर सकते हैं जिन्हें बाद में जैविक ईंटों में बदल दिया जाएगा।

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