20 नवंबर से 30 नवंबर तक असम के सांस्कृतिक स्त्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र पर होने वाली कार्यशाला में परिषदीय विद्यालयों के चार नवाचारी शिक्षक शामिल होंगे।

राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला के लिए चयनित होने पर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बधाई दी। शनिवार को सभी रवाना हो गए। कार्यशाला 20 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगी।
कार्यशाला का विषय प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में विद्यालयों की भूमिका रहेगा।

वह भारतीय संस्कृति को संजोने के लिए विद्यालयों की भूमिका के बारे में

जानकारी लेंगे। जिससे आने वाली पीढ़ी को प्रेरित किया जा सके। उत्साहित

शिक्षकों ने कहा कि अब तक प्राप्त कार्यशाला से यह कार्यशाला अलग होगी।

जिसमें देश प्रेम के साथ-साथ विरासत सुरक्षित रखने की जानकारी मिलेगी। सरल

तकनीक का अध्ययन करके बच्चों को ऐतिहासिक स्मारक, प्राकृतिक व सांस्कृतिक

संपत्ति के बारे में बताया जाएगा।

जिसमें राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त व उच्च प्राथमिक विद्यालय असरासी में कार्यरत डॉ. जुगल किशोर, उच्च प्राथमिक विद्यालय रायपुर धीरपुर के हरीश चंद्र सक्सेना, उच्च प्राथमिक विद्यालय कथरा खगेई के डॉ. अनिरुद्ध शर्मा, उच्च प्राथमिक विद्यालय ¨सगरौरा के सचिन सक्सेना अपने विचार रखेंगे।