असम के मशहूर गायक भूपेन हजारिका को भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। भारत का यह सर्वोच्च नागरिकता पुरस्कार उनको मरणोपरांत दिया जा रहा है। इस बारे में राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा ऐलान किया गया है। उनको यह पुरस्कार 8 अगस्त 2019 को दिया जा रहा है। गौरतलब है कि हजारिको को यह सम्मान इसी साल 26 जनवरी को भी देने की घोषणा की गई थी, लेकिन फरवरी माह में उनके पुत्र द्वारा इसे लेने से मना करने की खबरें मीडिया में सुर्खियां बनी थी।

असम के सुर सम्राट 

भूपेन हजारिका को असम के सुर सम्राट के नाम से भी जाना जाता है। उनके साथ इस पुरस्कार से सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख तथा पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी नवाजा जा रहा है। इस बारे में राष्ट्रपति भवन द्वारा स्टेटमेंट जारी किया गया है। हजारिका को यह सम्मान उनकी मृत्यु के 8 साल बाद दिया जा रहा है।

बेटा कर चुका मना

भूपेन हजारिका को भारत रत्न सम्मान से नवाजे जाने की खबरें पहले भी आई थी। उस समय 11 फरवरी 2019 को उनके बेटे तेज हजारिका द्वारा सम्मान लेने से मना करने की खबरें सुर्खियां बनी थी। तेज ने यह सम्मान लेने से मना करने के पीछे की वजह राज्य में भाजपा की सरकार की कार्यशैली के विरोध में किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार असम में सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल गलत तरीके से लागू कर रही है और इसी के विरोध के चलते उनके द्वारा अपने पिता का यह सम्मान लेने से मना करने की खबरें आई थी।