नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ 23 अक्टूबर को आहूत असम बंद को प्रदेश भाजपा राज्य की जनता के खिलाफ बताया है। पार्टी अध्यक्ष रंजीत दास ने कहा है कि बंद से किसी समस्या का हल नहीं निकलता बल्कि आम जनता को इससे नुकसान ही होता है।

पार्टी महासचिव दिलीप सइकिया द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से रंजीत दास ने कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक की आड़ में राजनीतिक उद्देश्य से बुलाया गया बंद प्रदेश की राजनीति और बृहत्तर असमिया जाति के अस्तित्व के प्रति संकट लाने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा है कि बंद आहूत करने वाले संगठनों का एक मात्र उद्देश्य बांग्लादेशी घुसपैठियों को शरण देना है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने बंद को  नकारने की अपील जनता से करते हुए कहा है कि भाजपा बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ शुरू से आवाज उठाती रही है लेकिन कुछ दल-संगठन राजनीतिक लाभ के लिए बांग्लादेशी मुसलमानों की रक्षा के लिए पहले से षड्यंत्र करते रहे हैं। एेसे में वृहत्तर असमिया समाज को इन राजनीतिक षड्यंत्रकारियों के खिलाफ खड़ा होना होगा।

बांग्लादेशी मुसलमानों के घुसपैठ से होने वाले नुकसान के प्रति राज्य के लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा है कि भारतवर्ष में कोई भी हिन्द विदेशी नहीं हो सकता। दास ने कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर दल-संगठनों का एक समूह लोगों को भ्रमित कर राजनीतिक मुनाफा लेने के फिराक में है और  राज्य के लोग कभी एेसा होने नहीं देंगे।