असम में एकबार फिर से आरक्षण को लेकर आंदोलन की चेतावनी आई है। इसका ऐलान 164वें आदिवासी एकता सम्मेलन के दौरान की गई है। आदिवासी महासभा के अध्यक्ष बोयल हेमब्रम ने कहा है कि यदि असम के आदिवासी समाज को एसटी का दर्जा नहीं दिया गया तो वो इस बार जोरदार आंदोलन करेंगे।

उन्होंने कहा कि आदिवासी एकता दिवस पालन करने का मतलब यही है कि असम के आदिवासी समुदाय को एक करना था उनके हक के लिए लड़ना। इस सम्मेल का आयोजन कोकराझाड़ जिले के जयपुर के मंगलाझोरा हाईस्कूल के प्रांगण में किया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में आदिवासी जनता उपस्थि​त थी।

आदिवासियों को संबांधित करते हुए महासभा के महासचिव बीरसिंह मुंडा ने कहा कि हम लगातार सरकार से हमें एसटी का दर्जा देने की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए जनता में जागरण पैदा कर रहे हैं और यदि सरकार ने ऐसा नहीं किया तो उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। इस दौरान संथाली साहित्य सभा, कुरूक साहित्य सभा, खारिया साहित्य सभा तथा आदिवासी छात्र संघ समेत आदिवासी पांचों संघर्षविरामी संगठन के नेता भी मौजूद थे।