बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त हर्षवर्धन श्रृंगला ने यहां कहा कि असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का मुद्दा भारत का निजी मामला है और इससे बांग्लादेश के साथ भारत के रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। श्रृंगला ने कहा,  यह  चिंता का विषय नहीं है। यह भारत का आंतरिक मामला है कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं? हम इसे पारदर्शी तरीके से कर लेंगे और हम आश्वस्त करते हैं कि इससे हमारे द्विपक्षीय रिश्ते खराब नहीं होंगे। वह बांग्लादेश के सड़क परिवहन तथा पुल मंत्री ओबैउल कादर से मुलाकात के बाद हाल में प्रकाशित असम में एनआरसी के मुद्दे पर संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रहे थे। 

उन्होंने कहा वह भारत में सितंबर में आयोजित होने वाले सम्मेलन के बारे में बातचीत करने के लिए कादर के बुलावे पर यहां आए थे। उल्लेखनीय है कि असम में नागरिक मसौदे की सूची 30 जुलाई 2018 को प्रकाशित हुई थी। एनआरसी की सूची में शामिल होने के लिए लोगों को यह साबित करना था कि वे 24 मार्च 1971 से पहले असम में आये थे। एनआरसी की सूची में राज्य के 40 लाख लोगों के नाम नहीं हैं। उन्होंने कहा,  यह सिर्फ एक मसौदा सूची है। असम के हरेक नागरिक को अपना उचित दस्तावेज जमा करने और राज्य सरकार के समक्ष अपनी नागरिकता का दावा करने के लिए काफी समय दिया गया है। उन्होंने कहा, भारत के उच्चतम न्यायालय ने इस प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया है। भारत सरकार तथा असम सरकार का कर्तव्य है कि वह उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करे। यह राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है।