असम में आई बाढ़ के कारण पुरे असम में तबाही मची हुई है करीब 80 से ज़्यादा लोगो की अपनी जान गई है तो वहीँ बाढ़ग्रस्त इलाके में लोगो के खेत और मवेशी सब खत्‍म हो गए हैं ऐसे में किसानों ने राज्‍य व केंद्र सरकार से तत्‍काल मदद की अपील की है।

लखीमपुर के एक किसान, भास्‍कर गोगोई ने कहा, ‘हमने बाढ़ में सब गंवा दिया। हमारे मवेशी बह गए। हम छोटे किसान हैं। हम कैसे अपने नुकसानों की भरपाई करेंगे? हम राज्‍य व केंद्र सरकार से मदद की अपील करते हैं ताकि दोबारा सामान्‍य जीवन जी सकें।‘

अब तक बाढ़ से पूर्वोत्तर के 6 जिलों के लगभग 9,988 लोग प्रभावित हैं। लखीमपुर, नागांव, गोलाघाट, जोरहट, सिवसागर व करीमगंज जिले में अभी भी बाढ़ है। अब तक बाढ़ से 79 लोगों के मौत की पुष्‍टि हुई है। तो वहीँ चागांव, लखीमपुर, जोरहट और सिवसागर से कुल 2,300 लोगों ने 12 राहत कैंप में शरण लिया है।

इस बीच कृषक मुक्‍ति संग्राम समिति (केएमएसएस) ने पीड़ितों के लिए राहत और पुनर्वास की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।

लखीमपुर में केएमएसएस नेता ने कहा, ‘बांधों के निर्माण के खिलाफ किसानों ने आवाज उठाई। बाढ़ ग्रस्‍त इलाके में पुनर्वास कार्यों का कार्यान्‍वयन उचित रूप से नहीं हो पा रहा है। हम चाहते हैं कि सरकार इस प्रक्रिया में तेजी लाए।‘ 

आपको बता दें की इस साल 29 जिले में बाढ़ के पानी से 2 लाख से भी अधिक कृषि की भूमि क्षतिग्रस्‍त हो गयी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।