असम के पंचायत चुनाव में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रिपुन बोरा जिस विधानसभा सीट से चुनकर आए थे, उसमें भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है।

कांग्रेस अभी तक गोहपुर और सुलेनजिगुड़ी में एक भी सीट नहीं जीत पाई है। कांग्रेस ने 9 वार्ड में से सिर्फ एक सीट पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस को 28 पंचायत सीटों में से 27 पर हार मिली है। 

भाजपा ने पंचायत चुनाव में कांग्रेस और एआईयूडीएफ पर भारी बढ़त बना ली है। पंचायत चुनाव की मतगणना अभी भी जारी है। बुधवार को  काउंटिंग के पहले दिन भाजपा ने बड़ी संख्या में सीटें जीती। आपको बता दें कि काउंटिंग बुधवार सुबह 8 बजे शुरू हुई थी। पंचायत चुनाव में वोटिंग बैलेट पेपर्स से हुई थी। असम में पंचायत बॉडीज में 26 हजार से ज्यादा सीटें हैं। इनके लिए भाजपा, कांग्रेस, असम गण परिषद, एआईयूडीएफ और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के 78 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। 

कांग्रेस ने भाजपा विधायक नारायण डेका पर काउंटिंग रूम में जाने का आरोप लगाया है। इसको लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बारखेत्री विधानसभा क्षेत्र में डेका के खिलाफ प्रदर्शन किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डेका इलेक्शन कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करते हुए काउंटिंग रूम में घुस गए थे। उदर कांग्रेस के एजेंट रुपा अली पर उस वक्त भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से हमला कर दिया जब वह भाजपा विधायक के गलत काम को लेकर मीडिया को संबोधित कर रहे थे। 

राज्य में दो चरणों में पंचायत चुनाव हुए थे। दो चरणों में कुल 82 फीसदी मतदान हुआ था। पहले चरण में तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, शिवसागर, जोरहाट, माजुली, गोआलघाट, नगांव, धेमाजी, लखिमपुर, बिश्वनाथ, सोनितपुर,दरांग, मोरीगांव,कामरुप(मेट्रो) और कामरुप(ग्रामीण)जिलों में पंचायत चुनाव हुए। दूसरे चरण में 10 जिलों में चुनाव हुए। इनमें नलबाड़ी, बारपेटा, धुबरी, बोंगईगांव, दक्षिण सलमारा-मनकछार, गोआलपाड़ा, कछार, हेलाकांडि,करीमगंज और होजई शामिल है। 

आपको बता दें कि असम में भाजपा की प्रमुख सहयोगी असम गण परिषद ने अकेले चुनाव लड़ा था। असम गण परिषद सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में शामिल है। दोनों दलों के बीच विधानसभा चुनाव (2016)से पहले गठबंधन हुआ था लेकिन अब दोनों दलों के रिश्तों में काफी दरार पैदा हो गई है। असम गण परिषद ने नागरिकता(संशोधन)बिल 2016 के विरोध में भाजपा से गठबंधन तोडऩे तक की धमकी दे दी है।