राष्ट्रीय नागरिक पंजी के अंतिम मसौदे के जारी होने में अब 24 घंटे शेष बचे हैं। एनआरसी को लेकर राज्य में शान्ति बनाए रखने का सरकार ने पूरा बन्दोबस्त कर लिया है। वहीं सुरक्षा बलों को इसके लिए हर वक्त चौकस रहने का सख्त निर्देश दिया है। संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। गृह विभाग के एक उच्चस्तरीय सूत्र के अनुसार सभी जिला प्रशासन को चौकस रहने का निर्देश दिया है, ताकि शान्ति भंग न हो पाए।

इसी बीच मुख्यमंत्री संर्वान्द सोनोवाल ने बाक्सा जिले में एक सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान फिर दोहराया है कि एनआरसी को लेकर अंशाति फैलाने तथा सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक तथा भड़काऊ बयान देने वालों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी। उन्होंने ये भी दोहराया कि असली भारतीयों के नाम अगर सूची में  शामिल नही होते हैं तो उन्हें आवेदन का मौका मिलेगा तथा कानूनी सहित अन्य सहायता भी सरकार की ओर से दी  जाएगी।

गृह विभाग ने एनआरसी को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखना शुरू कर दी हैं, ताकि इसको लेकर कोई भी अफवाह, गलत सूचना एवं सांप्रदायिक बयान जारी करने वालों के खिलाफ तत्काल कारवाई की जा सके।पुलिस विभाग की ओर से विभिन्न जगहों में लोगों को इसके प्रति जागरुकता भी फैलाई जा रही हैं ताकि लोगों में भ्रम का माहौल न बनें। मालूम हो कि असम पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिये अफवाह एवं भड़काऊ बयानों पर रोक लगाने की  पहल की है। इसके अलावा, आवार एनआरसी फेयर एनआरसी, शीर्षक प्रचार के जरिए असम पुलिस ने सोशल नेटवर्किंग साइटों के जरिए जन-जन तक पहुंचने की पहल की है। इसमें एनआरसी में अपना नाम कैसे खोजा जा सकता है इसके दिशा निर्देश दिये गए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति आसानी से अपने मोबाइल पर घर बैठे ही जानकारी प्राप्त कर सके।

एनआरसी के राज्य संयोजक प्रतीक हाजेला ने बताया कि सोमवार की पूरी तैयारी लगभग हो गई है। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के पालन के तहत पारदर्शी तरीके से किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का नाम अगर छूट जाए तो सम्बन्धित व्यक्ति दस्तावेजों के साथ दोबारा आवेदन कर सकेगा एवं इसके लिए उन्हें पूरा मौका दिया जाएगा। हाजेला ने शरारती तत्वों द्वारा एनआरसी को लेकर फैलाए जा रहे अफवाहों पर ध्यान न देने की सभी पक्षों से अपील की है। उन्होंने कहा कि एनआरसी में नाम शामिल नहीं होने वालों को न तो डिटेंशन कैंप में कैद किया जाएगा और न ही उन्हें तड़ीपार किया जाएगा।