देशभर में बवाल मचाने वाले एनआरसी यानी राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में नाम ना आने के बाद नागरिकता साबित करने को लेकर परेशान एक शख्स ने खुदकुशी कर ली। असम के उदालगुरी जिले में कथित तौर पर विदेशी न्यायाधिकरण का नोटिस मिलने के बाद एक व्यक्ति ने मौत को गले लगा लिया। न्यायाधिकरण ने उसे भारतीय नागरिकता सिद्ध करने को कहा था। पुलिस ने कहा कि दीपक देबनाथ अपने गांव घागरा में घर के पिछवाड़े एक पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह खुदकुशी का मामला प्रतीत होता है।

उसके परिवार के सदस्यों ने बताया कि न्यायाधिकरण का नोटिस मिलने के बाद से वह तनाव में था। नोटिस का अर्थ यह था वह विदेशी है और नागरिकता सिद्ध करे। न्यायाधिकरण ने देबनाथ को 12 जुलाई को नोटिस भेजा था और हालांकि वह उसे 29 जुलाई को मिला था। देबनाथ के भतीजे उत्तम ने कहा, असम सरकार ने नागरिकता रजिस्टर का मसौदा 30 जुलाई को जारी किया था। इसमें देबानाथ के साथ ही उसकी पत्नी और दो बेटियों के नाम शामिल हैं। फिर भी देबनाथ हाल ही में नोटिस का जवाब देने न्यायाधिकरण के दफ्तर गया था। वहां के अधिकारी इस मामले को खत्म करने के लिए रिश्वत के रूप में बड़ी रकम की मांग कर रहे थे।

उत्तम ने कहा, हम लोग यही मानते हैं कि चूंकि वह रिश्वत के रूप में बड़ी रकम देने की स्थिति में नहीं था, इसीलिए खुदकुशी जैसा कदम उठाया। उसे भय था कि उसे हिरासत में ले लिया जाएगा और यातना दी जाएगी। नागरिकता रजिस्टर मसौदा 30 जुलाई को जारी हुआ था, जिसमें 40,07,707 लोगों के नाम शामिल नहीं थे। इसके पीछे लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज सही नहीं होने की बात कही जा रही है।