असम में NRC करने वाले आईएएस अफसर प्रतीक हाजेला की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 5 साल से अधिक समय तक प्रतीक हजेला असम में ऐतिहासिक नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) का चेहरा थे, लेकिन पिछले साल इसके लागू होते ही वह विवादों के घेरे में आ गए। 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हजेला पर एनआरसी डेटा से छेड़छाड़ का आरोप लगा है, जिसके चलते अब तक उनके खिलाफ 5 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। प्रतीक हजेला असम सरकार के भी निशाने पर हैं। 

बता दें कि असम में एनआरसी पिछले साल 31 अगस्त को लागू हुई थी, जिससे 19 लाख लोग बाहर कर दिए गए थे। इसके बाद से हजेला पर एनआरसी डेटा से छेड़छाड़ और धन की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए अब तक 5 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से तीन एफआईआर असम पब्लिक वर्क्स (एपीडब्ल्यू) ने दर्ज कराई, जो एनआरसी अपडेशन प्रक्रिया की मुख्य याचिकाकर्ता है। एपीडब्ल्यू का दावा है कि वह हजेला पर हमला जारी रखेगा और कुल 22 एफआईआर दर्ज कराएगा।

50 साल के हजेला को सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी राज्य कोऑर्डिनेटर के रूप में नियुक्त किया था, जिससे वह पिछले साल नवंबर में मुक्त हो गए थे और मध्य प्रदेश लौट गए थे। करीबी सूत्रों का कहना है कि उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, जबकि इसके पीछे कोई वजह नहीं है। 7 फरवरी को एपीडब्ल्यू ने हजेला पर डेटा से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए सीआईडी में एफआईआर दर्ज कराई थी।

12 फरवरी को हजेला का नाम फिर सामने आया। उनके खिलाफ आधिकारिक एनआरसी वेबसाइट से डेटा के गायब होने के आरोप में मामला दर्ज हुआ। हजेला के खिलाफ वर्तमान एनआरसी कोऑर्डिनेटर ने यह एआईआर दर्ज कराई थी, जिनका आरोप था कि हजेला विप्रो के साथ कॉन्ट्रैक्ट दोहराने में असफल रहे। एनआरसी कोऑर्डिनेटर ने एक पूर्व महिला कर्मचारी के खिलाफ भी दो आधिकारिक मेल आईडी का पासवर्ड न शेयर करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई जिन्होंने हजेला के कार्यकाल 2014 से 2019 में काम किया।

इस एफआईआर से पहले हजेला के खिलाफ सितंबर में ही तीन एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं जिनमें से एक एपीडब्ल्यू ने, दूसरी गोरिया मोरिया युवा छात्र परिषद और तीसरी डिब्रुगढ़ के एक शख्स ने दर्ज कराई। इसके बाद राज्य सरकार ने बयान जारी कर कहा कि हजेला अवैध विदेशियों के नामों वाली गलत एनआरसी को पब्लिश करने के लिए कुछ ताकतों के प्रभाव में काम कर रहे थे। इसके बाद नवंबर में एपीडब्ल्यू ने एक और एफआईआर दर्ज कराई। इस बार हजेला पर एनआरसी के लिए केंद्र द्वारा आवंटित राशि के दुरुपयोग का आरोप लगा। 

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