असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के को-ऑर्डिनेटर हितेश देव सरमा ने राज्य के सभी डिस्ट्रिक्ट डिप्टी कमिश्नर्स को संदेहास्पद नामों के एनआरसी में शामिल किये जाने पर चिट्ठी लिखी है। सूत्रों के अनुसार चिट्ठी में कहा गया है कि 'संदिग्ध मतदाताओं के नाम गलत तरीके से जोड़ लिये गए हैं। उन्होंने कहा है कि फाइनल एनआरसी की सूची में अयोग्य लोगों का नाम शामिल कर लिया गया है।


चिट्ठी में ये भी कहा गया है कि डिप्टी कमिश्नर्स उन अयोग्य लोगों की जानकारी मुहैया करायें जिनका नाम एनआरसी में शामिल कर लिया गया है।सभी जानकारियां 1 दिन में मुहैया कराने के लिए कहा गया था। 

राज्य NRC को-ऑर्डिनेटर ने 'डिस्ट्रिक्ट डीसी से मामले को जरूरी मान कर इस पर काम करने को कहा है क्योंकि उनसे मिली जानकारी को भारत के रजिस्ट्रार जनरल को सूचित करना होगा। सरमा ने कहा है कि यह उनकी जानकारी में आया है कि 31 अगस्त, 2019 को अंतिम एनआरसी के प्रकाशन के बाद, अयोग्य व्यक्तियों के कुछ नाम जिसमें विशेष रूप से संदिग्ध मतदाताओं, घोषित विदेशियों और उन व्यक्तियों के नाम शामिल कर लिये गए हैं, जिनके मामले फॉरन ट्रिब्यूनल में लंबित हैं। चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि ऐसे व्यक्तियों की एक सूची पहले ही डिस्ट्रिक्ट डिप्टी कमिश्नर्स को साझा की जा चुकी है।


बता दें कि असम में अंतिम एनआरसी 31 अगस्त, 2019 को प्रकाशित किया गया था। एनआरसी एप्लीकेशन फॉर्म की प्राप्ति की प्रक्रिया मई 2015 के अंत के दौरान शुरू हुई और 31 अगस्त 31 को समाप्त हुई। कुल 3,30,27,661 सदस्यों ने 68,37,660 एप्लीकेशन्स के जरिये अप्लाई किया। कुल मिलाकर 3,11,21,004 आवेदक अंतिम एनआरसी में शामिल होने के योग्य पाए गए, जबकि 19,06,657 आवेदक ऐसे थे जो NRC में शामिल नहीं हो पााये।

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