असम में एनआरसी तथा सीमा पुलिस की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। असम एनआरसी के तहत राज्य में रहने वाली सानिया मिर्जा नाकम 6 वर्षीय बच्ची को विदेशी घोषित कर दिया गया। जबकि इस बच्ची के दादा देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के साथ ही 40 वर्षों तक सेवा कर चुके हैं। इतना ही नहीं बल्कि इस लड़की के पिता का नाम भी एनआरसी में है।

सानिया मिर्जा के दादाजी के पास 1951 से 1966 तथा उससे पहले के भी कागजात हैं। यह घटना असम के दरंग जिले के खारूपेटिया थानान्तर्गत आने वाले खेताचर गांव की है। यहां रहने वाली कुलसुम बेगम का कहना है कि उनके पास सभी जरूरी वैध कागजात होने के बावजूद उनका नाम काट दिया गया। इतना ही नहीं बल्कि उनको बिना किसी नोटिस के विदेशी बना दिया गया।

कुलसुम के पति तारा मियां का कहना है कि उन्होंने अपने यहां के होने के सभी कागजात एनआरसी में जमा कराए हैं तथा उनको यहां का नागरिक माना है। इसके बावजद उनकी पत्नी व 6 वर्षीय बेटी को विदेशी घोषित कर दिया गया।

आपको बता दें कि एनआरसी ड्राफ्ट में नाम आने की पहले भी कई गलतियां हो चुकी हैं। इस वजह से कई लोग आत्महत्या तक कर चुके हैं। विदेशी घोषित होने की वजह से मानसिक उत्पीड़न की शिकार रोमारी चापरी गांव निवासी एक 13 वर्षीय किशोरी आत्महत्या कर चुकी है।