NEEPCO के अन्य सरकारी उपक्रमों के साथ विलय की बात को लेकर कांग्रेस सांसद ने मोदी सरकार मंत्री को चिट्ठी लिखकर विरोध जताया है। खबर है कि असम से कांग्रेस पार्टी की तरफ से लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने NEEPCO के अन्य सरकार उपक्रमों के साथ ​विलय पर नाराजगी जाहिर की है। इसको रोकने के लिए उन्होंने कहा है कि ऐसा करने से पूर्वोत्तर के लोगों पर असर पड़ेगा।

गोगोई ने इसको लेकर केंद्रिय शक्ति एवं कोयला मंत्री राजकुमार सिंह को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि NEEPCO के अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ विलय से नॉर्थईस्ट की निवेश पॉलिसी तथा इस उपक्रम का स्पेशल केटेगरी वाला स्टेटस हट जाएगा। यह पूर्वोत्तर भारत के लिए एक बड़ी क्षति होगी। सांसद ने यह भी आरोप लगाया है कि विलय की इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी नहीं। 

सांसद ने लिखा यह भी लिखा है कि NEEPCO के विलय से पूर्वोत्तर क्षेत्र के 95 फीसदी कर्मचारी बेरोजगार होने के साथ ही क्षेत्र के लोगों को मिलने वाले अन्य अधिकार भी छिन जाएंगे। इसको लेकर गागोई ने केंद्रिय मंत्री तथा इसमें शामिल स्टेक हॉल्डर्स से मांग की है कि वो इस निर्णय पर पुन: विचार करें।