भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध करने के लिए कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि असम के सभी संगठन एकजुट होकर केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल का विरोध करें। गोगोई ने कहा है कि जब महाराष्ट्र में अलग अलग विचारधाराओं लोग एकजुट हो सकते हैं तो पूर्वोत्तर भारत में क्यों नहीं।

कांग्रेस नेता ने केंद्र की भाजपा सरकार आरोप लगाते हुए कहा कि यह बिल हमें बांटने वाला होने के साथ तथा हमारे लोगों जोखिम में भी डालने वाला है, अत: मैं सभी क्षेत्रीय ताकतों से अपील करता हूं कि राजनीति को पीछे रखकर लोगों के बारें सोचें और एकसाथ आगे आएं।

आपको बता दें कि पूर्वोत्तर में इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन तब से तेज हो गए हैं जब से राज्य वित्तमंत्री हिमंता बिश्व सरमा ने कहा है कि संसद के शीलकालीन सत्र के दौरान सि​टीजनशिप अमेंडमेंट बिल 10 दिसंबर को संसद में पारित करा लिया जाएगा। हालांकि विरोध के चलते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी असम, अरूणाचल प्रदेश और मेघालय की राजनीतिक पार्टियों के नेताओं, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों से मुलाकात कर चुके हैं।

आपको बता दें कि इस सिटीजनशिप बिल में संशोधन का प्रावधान किया गया है जिसके तहत 31 दिसंबर 2014 से पहले तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आकर बसे हिंदू, बौध, सिख्ख, ईसाई, जैन व पारसी समुदायों के लोगों को यहां की नागरिकता दी जाएगी।  इसी प्रावधान का विरोध असम में कई संगठनों द्वारा किया जा रहा है।

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