असम से होजाई से भाजपा विधायक शिलादित्य देव के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट वापस ले लिया गया है। करीमगंज सीजेएम ने उनके खिलाफ 24 घंटे अंदर गिरफ्तार किए जाने का वारंट जारी किया था। शिलादिव्य पर उल्फा और ईद पर ब्लास्ट को लेकर एक सभा में विवादित बयान देने का आरोप है। उनके बयान के खिलाफ एनएसयूआई नेता ने एक मामला दर्ज कराया था।

दिया था ये बयान

शिलादित्य पर आरोप है कि उन्होंने विवादित बयान दिया है। जिन्होंने कहा कि 80 फीसदी मुस्लिम अपराधी, उल्फा क्या ईद के मौके पर बम ब्लास्ट कर पाएगा। ​उनके इस बयान के खिलाफ एनएसयूआई के पूर्व जिला सचिव जुबेद अहमद ने करीमगंज के मुख्य न्याय दंडाधीश की अदालत में मामला दर्ज कराया था। जिसके बाद विधायक को अदालत में हाजिर होने के कई आदेश दिए गए थे, लेकिन वो अनुपस्थित रहे। इसके बाद अदालत ने 24 घंटे के अन्दर का गिरफ्तरी वारंट जारी किया था।

इसलिए लिया वारंट वापस

कोर्ट ने आखिरी बार 23 जून को शिलादित्य को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था, लेकिन वो नहीं आए। इसके बाद शिलादित्य के आईएनजीवी अजय राव ने कोर्ट में उपस्थित होकर कहा कि दो दिन पहले ही विधायक को पितृ शोक हुआ है और हिंदू रीति रिवाज के अनुसार श्रृाद संपन्न होने तक वो घर नहीं निकल सकते। इसके बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट वापस ले लिया।