असम के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि युवा रोजगार के अवसरों की कमी के कारण उल्फा (आई) जैसे उग्रवादी संगठनों में शामिल हो रहे हैं, न कि इसलिए क्योंकि वे राज्य सरकार से नापसंद करते हैं या फिर नागरिकता (संशोधन) विधेयक 20बेरोजगारी के चलते युवा जा रहे हैं ULFA में: हिमंता शर्मा16 का विरोध करते हैं।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने राज्य के युवाओं को उल्फा (आई) में शामिल होने के लिए "माहौल बनाने वाले लोगों" को आगाह करते हुये उन्हें उकसाने से बाज आने को कहा। उन्होंने "मीडिया के कुछ हिस्सों" पर आरोप लगाया कि वे यह अभियान चला रहे हैं कि युवा विधयेक के कारण प्रतिबंधित संगठन में शामिल हो रहे हैं।

बेरोजगारी के चलते युवा जा रहे हैं ULFA में: हिमंता शर्मा

उन्होंने सवाल करते हुये कहा, "मान लीजिए कि हम कहते हैं कि विधेयक गिरा दिया जाएगा, तो क्या लड़के मुख्यधारा में वापस आ जायेंगे ? मान लीजिए कि मैं गारंटी देता हूं कि विधेयक गिरा दिया जाएगा, तो क्या परेश बरुआ (उल्फा (आई) 'कमांडर-इन-चीफ') मुख्यधारा में वापस आ जाएगा? उल्फा (आई) और विधेयक में परस्पर कोई संबंध नहीं है।" उन्होंने कहा कि रोजगार में इसकी जड़े हैं अगर युवाओं को रोजगार दिया जाता है तो वे उल्फा आई का रूख नहीं करेंगे।