पूर्वी असम के गोलाघाट कस्बे के एक निजी पैथोलॉजिकल लैबोरिटी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया हैं। जहां एक व्यक्ति अपना यूरिन टेस्ट करवाने गया था, यूरिन टेस्ट करने के लिए सैंपल तो ले लिया लेकिन उसे रिपोर्ट प्रेगनेंसी की दे दी गर्इ।

गोलाघाट के कस्बे के बाहरी इलाके में  रहने वाले के एक 42 वर्षीय किसान जोगेश्वर बोरा की हेल्थ कॉम्प्लिकेशन काे देखते हुए डाॅक्टर ने उसे यूरिन टेस्ट के लिए बाेला। जिसके बाद बोरा ने मर्इ 2017 में लांच की गर्इ मुख्यमंत्री फ्री डायग्नोस्टिक सेंटर पर जांच करवाने गया आैर यूरिन टेस्ट के लिए सैंपल दिया।  जहां पर उसे यूरिन टेस्ट की रिपोर्ट के बजाय प्रेग्नेंसी टेस्ट की रिपोर्ट दे दी गर्इ। बोरा ने बताया कि रिपोर्ट में मुझे तो कुछ नहीं पता चला लेकिन जब मैंने ड्रग स्टोर पर दिखाया तो उसने कहा कि मैं बच्चें काे जन्म नहीं दे सकता। इसके बाद वह निजी अस्पताल गया जहां से उसे पता चला कि जो रिपोर्ट उसके पास है वह निगेटिव प्रेग्नेंसी टेस्ट की है। इसके साथ ही अस्पताल में उसे बताया गया कि कही कुछ गलत हो गया है।
 
बता दें कि मर्इ 2017 में असम के 33 जिलाें में से 16 जिलों में मुख्यमंत्री फ्री डाग्नोस्टिक सेंटर खोला गया था। लोगों के लिए बनार्इ गर्इ इस योजना के तहत एपीएल आैर बीपीएल के लोग इसकी सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत लोगों का सीटी स्कैन, यूरिन टेस्ट, ब्लड टेस्ट आैर एक्स-रे जैसी जांचें होती है।