महाराष्ट्र के बाद अब असम में भी भाजपा सरकार मुश्किलों में पड़ती नजर आ रही है। यहां पर स्थित कई संगठनों ने सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध करने का ऐलान किया है। यह संगठन Krishak Mukti Sangram Samiti (KMSS) है जिसने ऐलान किया है कि वो इस बिल के खिलाफ कई सारे प्रदर्शन करेगा। KMSS फायरब्रैंड नेता Akhil Gogoi ने आरोप लगाया है कि यह बिल असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों को तोड़ने व नुकसान पहुंचाने वाला है।

इस समय सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल को 10 दिसंबर को संसद के शीतकालीन सत्र में पास कराए जाने की बातें कही जा रही है। इसी बीच असम समेत पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में इसके विरोध को लेकर प्रदर्शन और बंद तेज हो चुके हैं। इसको लेकर असम से कांग्रेस सांसद ने भी राज्य की सभी स्थानीय ताकतों को एकसाथ आने की अपील करते हुए कहा है कि कृषक मुक्ति संग्राम समिति इस भी बिल को स्वीकार नहीं करेगी।

इसी के चलते KMSS कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने आज धेमाजी में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसके बाद 3 दिसंबर को भी गुवाहाटी क्लब आंबेरी से एक रैली का आयोजन किया जाएगा। हालांकि इसके बाद 5 दिसंबर को व्यापक स्तर ​पर विरोध प्रदर्शन दिसपुर में निकालने का ऐलान किया है। पिछले साल भी KMSS समेत राज्य 69 स्थानीय संगठनों ने इस बिल का विरोध किया था।

आपको बता दें कि इसी साल जनवरी माह में ​इस बिल को लोकसभा द्वारा पास कर दिया गया था, लेकिन राज्यसभा में अटक गया था। इसके बाद इसें ज्वॉइंट पार्लियामेंट कमेटी के पास भेजा गया था।

आपको बता दें कि इस सिटीजनशिप बिल में संशोधन का प्रावधान किया गया है जिसके तहत 31 दिसंबर 2014 से पहले तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आकर बसे हिंदू, बौध, सिख्ख, ईसाई, जैन व पारसी समुदायों के लोगों को यहां की नागरिकता दी जाएगी।  इसी प्रावधान का विरोध असम में कई संगठनों द्वारा किया जा रहा है।

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