असम पुलिस ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर जॉब घोटाले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल व कुछ सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने बताया कि हम असम पब्लिक सर्विस कमीशन से जुड़े कैश फॉर जॉब घोटाले की जांच कर रहे हैं। असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल व कुछ सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। तीन अन्य की जांच की गई और उन्हें उनके पदों से दखल किया गया है। 25 और लोगों की जांच जारी है। इनमें से 22 हमारी कस्टडी में हैं। अन्य तीन को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीडीपी मुकेश सहाय ने कहा, असम पब्लिक सर्विस कमीशन से जब हमें और उत्तर कुंजियां प्राप्त हो जाएगी या जो हमारी कस्टडी में हैं, उनसे कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी मिलेगी तो हम आगे की कार्रवाई करेंगे।

कहा जा रहा है कि घोटाले में शामिल तीन आरोपी जो फिलहाल फरार हैं उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उन्हें दो अधिकारियों के ठिकाने के बारे में जानकारी मिली है। जिन लोगों ने इन अधिकारियों को शरण देने में या भगाने में मदद की है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कहा जा रहा है कि फरार दोनों अधिकारियों ने गुवाहाटी में शरण ले रखी है। जो अधिकारी फरार हैं, उनमें निशामोनी डेका(असम सिविल सर्विस, रूमी सैकिया(असम सिविल सर्विस), और राकेश गुप्ता(असम पुलिस सर्विस) शामिल है। राकेश कुमार पॉल को पिछले साल 4 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। पॉल की गिरफ्तारी असम पब्लिक सर्विस कमीशन के दो सदस्यों समेदुर रहमान और बसंता कुमार डोले की गिरफ्तारी के बाद हुई थी। असम पब्लिक सर्विस कमीशन के सहायक परीक्षा नियंत्रण पबित्र कईबारता को बाद में गिरफ्तार किया गया था। सहाय ने बताया था कि राकेश कुमार पॉल से 50 लाख रुपए जब्त किए गए थे। उनकी कुछ बेनामी संपत्तियों की भी पहचान हुई है।
8 नवंबर से लेकर अब तक असम पुलिस इस घोटाले के संबंध में कुल 22 अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोप है कि इन सभी ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल व उनके सहयोगियों को घूस देकर नौकरी पाई थी। इस घोटाले में कुल 25 मुख्य आरोपी हैं। सूत्रों का कहना है कि फरार अधिकारियों को गत शनिवार तक सरेंडर करने के लिए कहा गया था लेकिन ये भाग गए। सोमवार को यह खबर आई थी कि निश मोनी डेका और राकेश गुप्ता सरेंडर कर सकते हैं लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि घूस देकर नौकरी पाने वालों की जल्द ही दूसरी सूची सामने आएगी। इसमें कुछ अन्य अधिकारियों के नाम शामिल होंगे। सहाय ने बताया कि जांच जारी है और सबूतों के मुताबिक गिरफ्तारियां की जाएगी।
असम पुलिस को 25 अधिकारियों की हैंडराइटिंग के सैंपल्स की फोरेंसिक रिपोर्ट मिल गई थी। 25 में से 13 असम सिविल सर्विसेज और सात असम पुलिस सर्विस के अधिकारी हैं। अन्य एलाइड सिर्विसेज से हैं। हाल ही में पूर्व मंत्री नीलमणि से डेका के बेटे आर.सेन डेका ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। उसने गत सोमवार को गुवाहाटी के काहिलीपारा में असम पुलिस की स्पेशल ब्रांच के समक्ष सरेंडर किया। आर.सेन डेका बक्सा में सर्किल ऑफिस में पोस्टेड थे।