असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने यहां तबलीगी जमात के नेताओं से मुलाकात की और उनसे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले असम के लोगों की सूची सौंपने की अपील की। असम में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 26 मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक को छोड़कर सभी मामले तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वालों से संबंधित हैं।




सरमा ने एक ट्वीट में कहा, '' निजामुद्दीन मरकज में हुए कार्यक्रम के बाद उत्पन्न हालात के आलोक में हमने शनिवार को गुवाहाटी की लखटकिया मस्जिद के नेताओं से मुलाकात की, जहां तबलीगी जमात का मुख्यालय है और उनसे मरकज के कार्यक्रम में शामिल हुए सभी लोगों की सूची देने की अपील की ताकि उन्हें पृथक वास में रखा जा सके।''
स्वास्थ्य मंत्री ने शनिवार को मस्जिदों के इमाम और अन्य नेताओं से तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले अपने इलाके के लोगों का नाम सौंपने को कहा और चेतावनी दी कि रविवार तक ऐसा करने में नाकाम रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरमा ने मस्जिदों पर समन्वय नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हालात बेहद गंभीर हैं इसलिए इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले लोग हेल्पलाइन नंबर 104 पर अथवा स्वास्थ्यकर्मियों से संपर्क करें ताकि नमूने लेकर संक्रमण की जांच की जा सके।
उन्होंने कहा कि अब तक कुल 1,529 नमूनों की जांच की गई है, जिनमें से 812 का निजामुद्दीन के कार्यक्रम से संबंध है। इस बीच, स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि असम में कांग्रेस के एक विधायक को 28 दिन के लिए पृथक वास में भेजा गया है। विधायक ने दिल्ली स्थित निजामुद्दीन मरकज की यात्रा की थी।