असम में सुरक्षाबलों को उग्रवादियों के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। यहां बोंगईगांव जिले में हुई मुठभेड़ में सेना ने यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम- स्वतंत्र (ULFA-I) के टॉप कमांडर दीपेन सऊद को मार गिराया है। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ गुरुवार (29 अप्रैल, 2021) सुबह हुई और उसके एक सहयोगी जिंदा पकड़ा गया है। 52 साल का दीपेन सूद साल 1988 में ULFA-I में शामिल हुआ था।

मालूम हो कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई से पहले 21 अप्रैल को सिवसागर जिले में ONGC के तीन कर्मचारियों को अगवा कर लिया था। सुरक्षाबलों ने इनमें दो लोगों को सुरक्षित छुड़ा लिया था जबकि रितुल सैकिया की खोजबीन जारी है। उल्फा का कहना है कि सैकिया उसकी हिरासत में नहीं थे। उन्हें शक है कि राज्य पुलिस ने ही गोली मारकर उनकी हत्या कर दी या फिर उन्हें छिपाकर रखा गया है। 

इसी बीच असम के जीडीपी भास्कर ज्योति महंत ने आज एक ट्वीट कर कहा कि दीपेन सऊद बोंगईगांव जिले के बेसीमारी में हुई एक मुठभेड़ में मारा गया है। उन्होंने कहा- ULFA-I पश्चिमी कमांड का कमांडर हाल ही में दृष्टि राजखोवा की जगह नियुक्त किया गया था। लगता है कि गोली लगने से उसकी मौत हो गई। उसे हॉस्पिटल ले जाया गया है। इसके अलावा सऊद के बंदूकधारी पदम राय को हथियार के साथ पकड़ लिया गया है। 

मालूम हो कि राजखोवा ULFA-I का पूर्व डिप्टी कमांडर है। उसने पिछले साल नवंबर में आत्मसमर्पण कर दिया था। उसे संगठन के प्रमुख परेश बरूआ का करीबी भरोसेमंद माना जाता है। डीजीपी महंत ने आगे कहा- हमें खबर मिली थी उल्फा वेस्टर्न कमांड भारत के अन्य विरोधी बलों के साथ कुछ हाई प्रोफाइल लोगों का किडनैप करने की योजना बना रहा था। इसे आज नाकाम कर दिया गया है। आज का ये ऑपरेशन कामयाब रहा क्योंकि पुलिस को सटीक खुफिया इनपुट मिले।