असम सरकार ने एक बड़ा फैसला ले ते हुए किडनी के मरीजों को बड़ी राहत दी है। महंगा किडनी डायलिसिस जल्द ही इतिहास होगा और किडनी से संबंधित बीमारियों का इलाज सभी की पहुंच में होगा।असम सरकार ने राज्य में किडनी डायलिसिस और किडनी से संबंधित अन्य उपचार मुफ्त करने का निर्णय लिया है।

यह घोषणा असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान की।

हिमंत ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (पीएमएनडीपी) के तहत राज्य में किडनी का इलाज मुफ्त किया जाएगा। यह कार्यक्रम असम में 18 स्थानों पर सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में चलेगा।

आपको बता दें कि अपोलो हॉस्पिटल्स, चेन्नई को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, असम द्वारा विस्तृत चयन प्रक्रिया के माध्यम से असम में कार्यक्रम को लागू करने के लिए चुना गया है। 5 फरवरी, 2019 को असम सरकार ने पांच साल की अवधि के लिए इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

बातचीत के दौरान, हिमंता ने यह भी बताया कि प्रत्येक इकाई में, प्रति दिन 40 लोगो का डायलिसिस किया जा सकता है।

हिमंत बिस्वा सरमा से जब राज्य में किडनी से संबंधित बीमारियों की बढ़ती घटनाओं के कारणों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि राज्य में अधिकांश सब्जियों में हानिकारक रसायनों का उपयोग किया जाता है और जब इन सब्जियों का सेवन किया जाता है, तो उनका किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ।

“पहले से ही हमने विभिन्न स्थानों से एकत्र सब्जियों के नमूने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) को भेजे हैं और जब रिपोर्ट आएगी, तो हम यह जान पाएंगे कि इन सब्जियों में कितना हानिकारक रसायन इस्तेमाल किया जा रहा है। सरमा ने कहा, हम इन विषाक्त पदार्थों के इस्तेमाल को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि डायलिसिस केंद्र जल्द ही राज्य के आठ अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चालू हो जाएंगे, जिनमें शामिल हैं- एसएमके सिविल अस्पताल (नलबाड़ी), मनगदलाई सिविल अस्पताल (दर्रांग), कनकलता सिविल अस्पताल (सोनितपुर), तेजपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (सोनितपुर), एलजीबी सिविल अस्पताल (तिनसुकिया), मोरीगांव सिविल अस्पताल (मोरीगांव), फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज (बारपेटा), और बोंगईगांव जिला अस्पताल (बोंगईगांव)।

उन्होंने आगे बताया कि जुलाई के दूसरे सप्ताह के भीतर सात और सुविधाओं का परिचालन किया जाएगा। ये सात सुविधाएं हैं बीपी सिविल अस्पताल (नागांव), शिवसागर सिविल अस्पताल (शिवसागर), उत्तर लखीमपुर सिविल अस्पताल, धेमाजी सिविल अस्पताल, दीफू सिविल अस्पताल, धुबरी सिविल अस्पताल और गोलपार सिविल अस्पताल।

आप की जानकारी क लिए बता दें कि असम में पहला डायलिसिस सत्र 4 जून, 2019 को स्वाहिद मुकंद काकती सिविल अस्पताल, नलबाड़ी में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था।