असम सरकार ने राज्य के बहाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दो टोल फ्री नंबर जारी किए हैं। ये हैं 1070 और 1079। राज्य के राजस्व व आपदा प्रबंधन मंत्री पल्लब लोचन दास ने यह घोषणा की। इससे पहले मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और मंत्रियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे का निर्देश दिया। लोचन दास ने कहा, इन हेल्पलाइन नंबर्स के जरिए लोग बाढ़ से जुड़ी जानकारी (मसलन राहत सामग्री के अपर्याप्त वितरण) दे सकते हैं।

दास ने कहा, ब्रह्मपुत्र स्टेट गेस्ट हाउस में सुबह समीक्षा बैठक हुई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हालात का जायजा लेने के लिए मंत्रियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाने को कहा। साथ ही व्यक्तिगत रूप से राहत और बचाव अभियानों की मॉनिटरिंग के लिए निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के आधार पर कृषि मंत्री अतुल वोरा ऊपरी असम के जिलों का दौरा करेंगे।


जल संसाधन मंत्री केशब महंता सेंट्रल असम और सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री परीमल शुक्लवैद्य बराक वैली जिलों का दौरा करेंगे। दास ने कहा, मैं पर्यावरण व वन मंत्री प्रमीला रानी ब्रह्मा और पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग मिनिस्टर रिहोन डी.के साथ निचले असम के जिलों का दौरा करूंगा। सिंचाई मंत्री रंजीत दत्ता और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री नबा कुमार डोले धेमाजी,लखीमपुर,सोनितपुर,बिश्वनाथ और माजुली जिलों का दौरा करेंगे। बोरा,जो कुछ काम के लिए गोलाघाट में थे,पहले ही काजीरंगा पहुंच चुके हैं।

सोनोवाल ने मंत्रियों को बाढ़ व भू क्षरण के कारण हुए नुकसान का आंकलन करने, बाढ़ प्रभावित लोगों से बात करने और उनकी शिकायतों पर जरूरतों का जायजा लेने को कहा है। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि राहत व बचाव अभियान तेजी से चलें और यह भी देखें आवश्यक इंतजाम हुए हैं या नहीं। बाढ़ प्रभावित लोगों तक सही सुविधाएं पहुंची है या नहीं,खासतौर पर राहत शिविरों में रह रहे लोगों तक। दास ने बताया कि करीब 3 लाख 97 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। 22 हजार से ज्यादा लोगों ने 6 जिलों के 84 राहत शिविरों में शरण ले रखी है। जिन जिलों में ये 84 राहत शिविर खोले गए हैं वे हैं, कछार,करीमगंज,नागांव,गोलाघाट,जोरहाट और चिरांगा। प्रभावित इलाकों में रिलीफ डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स भी खोले गए हैं। बाढ़ के कारण राज्य में अभी तक 20 लोगों की मौत हुई है।

दास ने कहा, चावल,दालें,नमक,मवेशियों का खाना और तिरपाल प्रभावितों के बीच वितरित किए गए हैं। प्रभावित आबादी को राहत प्रदान करने के लिए पर्याप्त फंड जारी किया गया है। अगर जरूरत हुई तो और फंड रिलीज किया जाएगा। रिव्यू मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने जल संसाधन मंत्री केशब महंता को प्रभावित इलाकों में एंटी इरोजन कदम उठाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री परीमल शुक्लवैद्य को इस महीने तक सभी सड़कों की मरम्मत का काम पूरा करने का निर्देश दिया है।