शिलोंग । मेघालय सरकार द्वारा गत 4 सितंबर को असम सरकार के खिलाफ एक विशेष याचिका के सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने यह निर्देश दिया था कि असम सरकार मेघालय को 27 में से 10 मैडिकल सीटें  आवंटित करें  । 

ज्ञात हो कि असम सरकार ने मेघालय को  विना आधिकारिक सुचना दिए यह फैसला किया था कि वह मेघालय के लिए आवंटित 10 चिकित्सा सीटों को बंद कर देगी, जो  कि पहाड़ी राज्यों  के लिए आरक्षित होती है । 

यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और डीवाई  चंद्रचूड़ के खंड पीठ ने की  । मेघालय के हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिया गया है कि 27 सीटों में से 10 सीटें मेघालय  को आवंटित कि जाए, जबकि असम क्रोको 27 शीटों में से 17 में आवंटित किया गया है । 

असम और मेघालय दोनों एक उद्देश्य में परामर्श करेंगे और उचित तरीके से ताकि  योग्यता पूवोंत्तर परीक्षा उतीर्ण उम्मीदवारों में से एकमात्र मानदंड होनी चाहिए । जो भी उम्मीदवार एनईईटी में योग्य नहीं है, वह विचार के लिए हकदार नहीं होगा । 

इसके अलावा निर्देश में कहा गया है कि यदि याचिकाकर्ता और मध्यस्थ योग्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा तैयार की गई योग्यता सूची के मुताबिक योग्य हैं, तो उन्हें परामर्श के लिए बुलाया जाएगा और सीटों को तदानुसार भर दिया जाएगा । 27 सीटों को छोड़कर, किसी भी अन्य सीट के संबंध में कोई परामर्श नहीं लेना चाहिए ।

 उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार परामर्श पिछले शुक्रवार  से 10 दिनों के भीतर पूरा किया जाना चाहिए । इसके अलावा अदालत ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अंतरिम व्यवस्था और विवाद है जिसे विशेष रिट याचिका में उठाया गया है और मूल सूट का निर्णय अपने गुणों पर किया जाएगा ।

अगली सुनवाई अगले साल जनवरी के दूसरे सप्ताह के दौरान की  जाएगी। मालूम हो कि मेघालय सरकार ने 4 सितंबर को सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी , जिसमें असम में मेघालय को आवंटित 10 आरक्षित मेडिकल शीटों को  बनाए रखने के लिए अदालत से अनुरोध किया गया था । इसमें अदालत से इस मामले में एक पार्टी के रूप में भारतीय चिकित्सा परिषद के शामिल करने के लिए प्रार्थना  की गई थी ।

 मेघालय ने आरोप लगाया था कि असम ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के नियमों के परिवर्तन के बारे में उनसे संपर्क नहीं किया है । जिससे मेघालय के लिए आरक्षित 10 चिकित्सा सीटों के उम्मूलन का कारण बन गया ।