असम सरकार वयस्क दुल्हनों के लिए एक योजना लेकर आई है, जिसके तहत जिस व्यस्क दुल्हन ने कम से कम 10वीं की पढ़ाई की है और अपनी शादी को पंजीकृत कराया है, उसे 10 ग्राम सोना उपहार स्वरूप भेंट करेगी। राज्य के वित्त मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ‘अरुंधति स्वर्ण योजना’ के तहत इस सेवा का लाभ पाया जा सकता है।

ये है असली मकसद

मंत्री ने कहा कि असम में हर साल करीब 3 लाख शादियां होती हैं लेकिन सिर्फ 50,000-60,000 पंजीकृत होती हैं। उन्होंने कहा कि योजना लाभ लेने के लिये दुलहन के परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।


इतना आयेगा खर्च

आपको बता दें कि इस योजना से सरकारी खजाने पर सालाना करीब 800 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा। यह योजना अगले साल 1 जनवरी से शुरू होगी। सरमा ने कहा कि हमलोग विवाह पंजीकृत पाये जाने पर प्रत्येक कन्या को उसके विवाह के दौरान एक तोला (10 ग्राम) सोना देंगे। हमारा फोकस सोना देकर वोट बटोरना नहीं है बल्कि विवाह पंजीकृत कराना है।


कई अन्य योजनाएं भी सम्मिलित

गौरतलब है कि असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने राज्य का 2019-20 बजट पेश करते समय ही यह घोषणा कर दी थी। वित्त मंत्री ने गरीबों को 1 रुपये किलो के मूल्य पर चावल देने और दुलहनों को 1 तोला सोना देने का प्रस्ताव किया था। साथ ही अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को वित्तीय सहायता का प्रस्ताव भी पेश किया था।