सरकार में सहयोगी असम गण परिषद तथा इसकी सभी जिला इकाइयों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम भेजे ज्ञापन के जरिए नागरिकता विधेयक 2016 को एेतिहासिक असम समझौता विरोधी बताया और चेताया कि बांग्लादेशी के नाम पर राजनीति और असम को प्रताड़ित करना सहन नहीं किया जाएगा।

पार्टी प्रमुख तथा कृषि मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि नागरिकता (संशोधन ) विधेयक पारित हुअा तो भाजपा के साथ मित्रता भंग कर दी जाएगी । यहां हुई एक भेंट में अगप अध्यक्ष तथा कृषि मंत्री बोरा ने कहा कि संसद में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू दवा्रा 2014 तक देश में अाए सभी हिंदू बांग्लादेशियों को नागरिकता दिए जाने संबंधी बयान का हम विरोध करते हैं। बोरा ने कहा कि यह असम के साथ फिर से विश्वासघात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि असम समझौते के अाधार पर निर्धारित कार्यसूची के भीतर अवैध घुसपैठ की समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए । साथ ही स्थानीय मूल निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही बांग्लादेशी सरकार के साथ चर्चा कर विदेश प्रत्यर्पण समझौता करने के लिए केंद्र सरकार से अपील करते हैं।

 अगप अध्यक्ष ने बताया कि विगत 26 जुलाई को हुई बैठक में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने दीर्घकालीन वीजा, वर्क परमिट देने संबंधी केन्द्र सरकार के प्रस्ताव पर विरोध जताया है। बैठक ने हाल ही के केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बांग्लादेश दौरे के समय विदेशी प्रत्यर्पण के विषय पर चर्चा नहीं करने को दुर्भाग्यपुर्ण करार दिया था ।बैठक में शुद्ध नागरिक पंजी तैयार करने में हर सहयोग देने सहित इसमें 1974 के सभी 24 मार्च से पहले आने वाले सभी के नाम शामिल हों, इस पर कड़ी नजर रखने ही नहीं बल्कि जरुरतमंद लोगों को कानूनी मदद देने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए पार्टी ने आमबाड़ी स्थित अगप मुख्यालय सहित हर जिले में कानून प्रकोष्ठ भी बनाया है।