असम गण परिषद (अगप) के मंत्रियों ने कहा कि उन्होंने विवादित नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2016 का विरोध असम मंत्रिमंडल की एक बैठक में किया था। इससे पहले इस पार्टी के नेता ने दावा किया था कि यह मुद्दा राज्य मंत्रिमंडल के बैठक में नहीं उठाया गया था।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद असम सरकार के प्रवक्ता और संसदीय समिति के मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने संवाददाताओं से कहा था कि असम गण परिषद ने इस विधेयक से संबंधित कोई मुद्दा नहीं उठाया था। अगप के महासचिव रामेंद्र नारायण कालिता ने मीडिया को बताया था कि अगप के तीन मंत्रियों- अतुल बोरा, केशाब महंता और फानी भूषण चौधरी ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मंत्रिमंडल की बैठक शुरू होने से पहले मुलाकात की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे आग्रह किया कि इस मुद्दे को वह तीन गठबंधन सहयोगी की समन्वय समिति की अगली बैठक में उठाएं। इसके बाद अगप अपने बयान से पलट गई। इस पार्टी के अध्यक्ष और राज्य कृषि मंत्री अतुल बोरा ने कहा, हमने इस मुद्दे को मजबूती के साथ मंत्रिमंडल की बैठक में उठाया। हमने कहा है कि अगर यह विधेयक पारित होता है तो हम सरकार का हिस्सा नहीं रहेंगे। इस विधेयक पर अगप की चुप्पी की वजह से उसकी आलोचना हो रही थी, जिसके बाद उसने तुरंत संवाददाता सम्मेलन बुलाया, जिसमें बोरा ने कहा, हमने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद इसे नहीं बताया था क्योंकि हम कैबिनेट बैठक की गोपनीयता बरकरार रखना चाहते थे, लेकिन इससे लोगों में संशय की स्थिति पैदा हुई।