प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम के बाढ़ पीडि़तों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही गंभीर रुप से घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की। मुआवजे की राशि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष(पीएमएनआरएफ) से दी जाएगी। असम में बाढ़ जनित हादसों में अब तक 79 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित लखीमपुर जिले में सबसे अधिक 11 लोगों की मौत हुई है। असम सरकार के आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने 18 जुलाई को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को असम में बाढ़ से उत्पन्न हालात की जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने असम सरकार से बाढ़ पीडि़तों व उनके परिजनों के नाम,गंभीर रूप से घायलों के नाम व पोस्टल एड्रेस व जरूरी फंड्स का ब्योरा देने का अनुरोध किया था। बाढ़ प्रभावित असम का दौरा नहीं करने व मुआवजे की घोषणा नहीं करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना हो रही थी।राज्य सरकार ने स्वीकार किया था कि राज्य में इस बार बाढ़ से हुई तबाही पिछले दशकों से काफी ज्यादा हुई है।

प्रधानमंत्री की ओर से मुआवजे की घोषणा उस दिन की गई जब अंतर मंत्रालयी केन्द्रीय टीम ने पिछले चार दिन में बाढ़ से उत्पन्न हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को बताया गया कि बाढ़ के कारण बड़े पैमान पर बर्बादी हुई है और यह बहुत गंभीर है। बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए सात सदस्यीय टीम मंगलवार को गुवाहाटी पहुंची। दिल्ली रवाना होने से पहले जनता भवन में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। टीम की अध्यक्षता गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव वी.शशांक शेखर ने की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि शेखस ने सोनोवाल को बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से आपदा, तबाही को देखा है। साथ ही बाढ़ से पीडि़त लोगों के पयालय को भी देखा है। उन्होंने पाया कि तबाही बहुत गंभीर है और यह बड़े पैमाने पर हुई है। टीम के सदस्य ने दिसपुर में बताया कि बराक और ब्रह्मपुत्र घाटी में तबाही देखने के बाद हम मुख्यमंत्री से मिलने आए और उन्हें अपने अवलोकन के बारे में बताया।

फील्ड के दौरे के दौरान हमने बड़े पैमाने पर हुई तबाही को देखा। हम दिल्ली जा रहे हैं। रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के बाद हम इसे केन्द्र सरकार को सौंपेंगे,इसके बाद बाढ़ राहत के लिए जारी की जाने वाली राशि पर अंतिम फैसला होगा। बाढ़ का पानी धीरे धीरे नीचे उतर रहा है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के मुताबिक अभी भी बाढ़ से 10 हजार 451 लोग प्रभावित हैं। 2 हजार 48 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।