असम में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ से जान माल का भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ के के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई है। घरों में पानी घुसा हुआ है। मवेशी मारे गए हैं और खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। राज्य में बाढ़ से तीन और लोगों की मौत हो गई। तीनों मृतक नाबलिग हैं। 3 और की मौत के साथ ही राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 24 तक पहुंच गई है।

असम के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक शंकर डोले(10) की कल लखीमपुर जिले के गुवालबाड़ी गांव के सुबानसिरि में डूबने से मौत हो गई। सेंट्रल असम में 10 साल के द्रुपति चौहान की नागांव जिले के समागुड़ी में ब्रह्मपुत्र नदी के बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हुई। 7 साल के कोपिलि की मोरिगांव जिले के मयोंग में डूबने से मौत हुई। असम के 14 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।

करीब 39 हजार 753 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में लखीमपुर, जोरहाट, गोलाघाट, शिवसागर,कछार,धेमाजी, बिश्वनाथ, करीमगंज, सोनितपुर, होजई,माजुली,बारपेटा,चिरांग,नागांव और नलबाड़ी शामिल है। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने हालात का जायदा लिया। इसके बाद राज्य सरकार ने 128 राहत शिविर खोले हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक 5 जुलाई को बाढ़ से 3 लाख लोग प्रभावित थे। उस वक्त राज्य के 13 जिले बाढ़ से प्रभावित थे। बाढ़ के कारण काजीरंगा नेशनल पार्क के निचले इलाके जलमग्न हो गए। गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाटी के बीच फेरी सर्विसेज निलंबित है। ब्रह्रमपुत्र नदी में जलस्तर बढ़ रहा है।

राज्य आपदा रेस्पांस फोर्स(एसडीआरएफ) नलबाड़ी जिले में 400 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुकी है। 3 जुलाई को बाढ़ के कारण लखीमपुर जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले करीमगंज,लखीमपुर और गोलाघाट हैं। 108 राह शिविरों में करीब 24 हजार लोगों ने शरण ले रखी है। राहत शिविरों में पीने का पानी और चावल वितरित किए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल
टीमों को भी तैनात किया गया है।