असम में मंगलवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार देखा गया। सात में से एक जिले में बाढ़ का पानी उतर गया है। हालांकि राज्य के 6 जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। 6 जिलों के 170 गांवों के 45 हजार लोग बाढ़ से पीडि़त हैं। फ्लड रिपोर्ट के मुताबिक 170 गांवों में करीब 6 हजार हेक्टेयर्स कृषि भूमि अभी भी जलमग्न है। जोराहट जिले में पानी कम हुआ है लेकिन धेमाजी,लखीमपुर, चिरांग, मोरीगांव, नगांव और कछार जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुतिाबिक जोराहाट में ब्रह्मपुत्र, गोलाघाट में धानसिरी और सोनितपुर व करीमजंग में जिया भाराली नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित नगांव जिले में 18 हजार लोग प्रभावित हैं। धेमाजी और मोरीगांव में 13 हजार 600 व 12 हजार 500 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक जिला प्रशासन 16 राहत शिविर चला रहा हैं जहां करीब 8,079 बाढ़ प्रभावित लोगों ने शरण ले रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ के कारण फिलहाल कोई मौत नहीं हुई है लेकिन इस साल राज्य में बाढ़ जनित हादसों में करीब 158 मारे गए हैं।

बाढ़ ने राज्य के काजीरंगा नेशनल पार्क में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के पानी उतरने के बाद पार्क में तबाही का मंजर नजर आ रहा है। पार्क से कंकाल निकल रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर भी बुरी तरह से डैमेज हुआ है,जो पार्क अथॉरिटीज के लिए बड़ी चुनौती है। बाढ़ के कारण पार्क में अब तक 401 जानवर मारे जा चुके हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क की डीएफओ रोहिणी बल्लव सैकिया ने कहा कि मारे गए जानवरों में 31 गैंडे शामिल हैं। बाढ़ के दौरान 7 गैंडों को बचाया गया था। उन्हें वाइल्डलाइफ रिहेबिलिटेशन के लिए पनबारी बेस्ड सेंटर में रखा गया है। रोहिणी ने बताया कि पार्क में रोड साइड ब्रिजेज को नुकसान पहुंचा है। अथॉरिटीज नुकसान का आंकलन कर रहे हैं।